खितौली क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त, 44 डिग्री तापमान में दिन रात भर गुल हो रही बिजली
आखिर क्यों अंधेरे और पसीने में डुबोया जा रहा खितौली क्षेत्र, सुधार न आने पर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
(बरही) कटनी जिले के खितौली क्षेत्र में इन दिनों अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। भीषण गर्मी और 44 से 45 डिग्री तापमान के बीच लगातार घंटों बिजली बंद रहने से लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है।
सबसे बड़ी बात यह है कि न तो कोई तूफान आया, न बारिश हुई और न ही किसी बड़ी तकनीकी खराबी की आधिकारिक जानकारी सामने आई, इसके बावजूद खितौली क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरही और पिपरिया कला जैसे क्षेत्रों में इस तरह की कटौती नहीं होती, लेकिन खितौली क्षेत्र को ही सबसे ज्यादा परेशान किया जा रहा है।
रातभर दिन में बिजली गुल, जनता बेहाल
ग्रामीणों के अनुसार बिजली विभाग द्वारा केवल एक मैसेज ग्रुपों में डाल दिया जाता है कि “ओवरलोड के कारण एक या दो घंटे बिजली बंद रहेगी”, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
20 मई की रात लगभग 10 बजे बिजली बंद हुई। फिर 11 बजे सप्लाई चालू की गई, लेकिन रात 3 बजे दोबारा बिजली काट दी गई और कहा गया कि अब सुबह 4 बजे बिजली आएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक घंटे की कटौती होती तो किसी तरह सहन भी कर लेते, लेकिन हर दो घंटे बाद एक-एक घंटे की कटौती पूरी रात खराब कर देती है इसके अलावा दिन में भी चाहे जितनी समय बंद हो जाती है। इस भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं।
आखिर सिर्फ खितौली क्षेत्र ही क्यों निशाने पर?
अब ग्रामीणों के बीच यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि आखिर इतनी ज्यादा कटौती सिर्फ खितौली क्षेत्र में ही क्यों हो रही है?
क्या यहां के उपकरणों पर सूरज की किरणें कुछ ज्यादा ही पड़ती हैं?
क्या यहां का मौसम बाकी क्षेत्रों से अलग है?
जब बरही और पिपरिया कला में व्यवस्था सामान्य रह सकती है, तो खितौली क्षेत्र को ही बार-बार अंधेरे में और पसीने में क्यों डुबोया जा रहा है?
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बगैहा, कछड़ारी, छिंदहाई, पिपरिया समेत कई गांवों के ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अघोषित बिजली कटौती पर जल्द लगाम नहीं लगी तो वे नदावन पावर हाउस का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में इस तरह की कटौती जनता के साथ अन्याय है। यदि बिजली विभाग के अधिकारियों का यही रवैया रहा, तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी खितौली विद्युत विभाग की होगी।
जनता पूछ रही बड़े सवाल
आखिर सिर्फ खितौली क्षेत्र में ही इतनी ज्यादा कटौती क्यों?
क्या बिजली विभाग को ग्रामीणों की परेशानियां दिखाई नहीं दे रहीं?
क्या अघोषित कटौती के नाम पर जनता के सब्र की परीक्षा ली जा रही है?
और आखिर कब सुधरेगी खितौली क्षेत्र की बिजली व्यवस्था?
फिलहाल लगातार हो रही बिजली कटौती ने ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ा दिया है। अब जनता की नजर बिजली विभाग और प्रशासन पर टिकी है कि समस्या का समाधान होगा या फिर आंदोलन की चिंगारी भड़क उठेगी।
✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
बरही
