गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें तथा अत्यधिक गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी
टीकमगढ़। वर्तमान में जिले सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में अत्यधिक गर्मी एवं 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिसका दुष्प्रभाव गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों पर अधिक पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टीकमगढ़ डॉ. ओ.पी. अनुरागी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से समय पूर्व प्रसव, कम वजन का जन्म, मृत जन्म, भ्रूण विकास संबंधी समस्याएं, प्री-एक्लेम्पसिया, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन एवं हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था की किसी भी तिमाही में अधिक गर्मी के संपर्क में आना मां एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। सिर्फ एक अत्यधिक गर्म दिन भी जोखिम को बढ़ा सकता है।
बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां
गर्भवती महिलाएं सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर के अंदर रहें।
कमरे का तापमान ठंडा बनाए रखें।
पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
शरीर का तापमान नियंत्रित रखने हेतु गीला तौलिया गर्दन एवं कलाई पर रखें।
ढीले एवं हल्के सूती कपड़े पहनें।
किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें तथा अत्यधिक गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं।
शिवराज सिंह
RPKP INDIA NEWS
खरगापुर(टीकमगढ़)
