गेहूं खरीदी घोटाले पर बड़ा एक्शन, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिखाई सख्ती
बोरियों में मिला मिट्टी वाला गेहूं, सहायक आपूर्ति अधिकारी निलंबित, जिला आपूर्ति नियंत्रक हटाए गए
सागर। गेहूं खरीदी में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री Govind Singh Rajput ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मामला सागर जिले के गंभीरिया स्थित लक्ष्मी नगर के श्री देव प्रभाकर हाउस वेयरहाउस से जुड़ा है, जहां गेहूं खरीदी में गड़बड़ी और किसानों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
सहायक आपूर्ति अधिकारी निलंबित, जिला आपूर्ति नियंत्रक हटाए गए
प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले के प्रभार से हटाकर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन कार्य से जुड़े अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
गेहूं की बोरियों में मिली मिट्टी
जांच के दौरान वेयरहाउस में रखी कई बोरियों में गेहूं के साथ भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में कई बोरियों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं और कुछ बोरियों में गेहूं की जगह अत्यधिक मात्रा में मिट्टी भरी होने की पुष्टि हुई।
मामले में संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे, इसके लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है।
“अन्नदाताओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को नहीं छोड़ेंगे”
मंत्री श्री राजपूत ने कहा,
“किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
