रेलवे भूमि पर बढ़ता अवैध कब्जा, प्रशासन मौन: लालनगर में अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद

नगर परिषद पर संरक्षण के आरोप, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं; नागरिकों ने कलेक्टर व रेलवे प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग

(कैमोर)  नगर परिषद कैमोर के वार्ड क्रमांक-1 लालनगर में रेलवे एवं शासकीय भूमि पर लगातार हो रहे अवैध कब्जों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और कथित संरक्षण के कारण अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर सरकारी जमीनों पर निर्माण कार्य कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लालनगर क्षेत्र में रेलवे विभाग की बहुमूल्य भूमि पर कच्चे एवं पक्के निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य नागरिकों द्वारा छोटे-मोटे निर्माण पर नगर परिषद तत्काल नोटिस जारी कर कार्रवाई करती है, लेकिन रेलवे की जमीन पर खुलेआम हो रहे अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। इससे नगर परिषद के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।

नागरिकों का आरोप है कि परिषद के एक जिम्मेदार अधिकारी के संरक्षण के चलते अवैध निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में रेलवे की विकास योजनाओं एवं सार्वजनिक हित के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर कटनी, रेलवे प्रशासन एवं अन्य उच्च अधिकारियों से तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा शासकीय रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रश्न यह है कि जब सरकारी भूमि पर खुलेआम कब्जा हो रहा है तो जिम्मेदार विभाग आखिर मौन क्यों हैं? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई का इंतजार कर रहा है या फिर अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण प्राप्त है?

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