टीबी मुक्त भारत ऐप से टीबी उन्मूलन को मिलेगा बल कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश, जनभागीदारी से अभियान को मिलेगी गति
(कटनी) भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने एवं टीबी उन्मूलन की दिशा में डिजिटल भागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित “टीबी मुक्त भारत (ई-संगिनी) ऐप” विकसित किया गया है। यह ऐप आम नागरिकों, मरीजों, स्वयंसेवकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ते हुए टीबी से जुड़ी जानकारी, सहायता और सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाता है।
इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म से मिलेगी हर जरूरी जानकारी “टीबी मुक्त भारत” ऐप एक समग्र एवं इंटरएक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से टीबी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ मरीजों की सहायता, निक्षय मित्रों से जुड़ाव तथा उपचार प्रक्रिया की निगरानी भी संभव है। यह ऐप राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनभागीदारी आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐप में टीबी के लक्षण, बचाव, जांच एवं उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। साथ ही मरीजों को निक्षय मित्रों एवं स्वयंसेवकों से जोड़ने, पोषण किट का डिजिटल रिकॉर्ड रखने, दवा सेवन की निगरानी करने तथा सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।कलेक्टर ने दिए अधिकतम डाउनलोड के निर्देश जिले में इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को हर नागरिक तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है।कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि यह ऐप आमजन के लिए एक उपयोगी एवं प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए टीबी से संबंधित सटीक जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। साथ ही यह मरीजों को निक्षय मित्रों और स्वयंसेवकों से जोड़कर उनकी देखभाल एवं उपचार को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।जनभागीदारी से बनेगा अभियान सफल कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिले में अधिक से अधिक लोगों द्वारा ऐप डाउनलोड कराया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनएसएस/एनसीसी स्वयंसेवक, माय भारत वॉलंटियर्स, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, टीबी मरीज एवं टीबी चैम्पियनों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष ऐप डाउनलोड अभियान चलाया जाए। शिविरों एवं बैठकों में मौके पर ही ऐप डाउनलोड कराया जाए तथा QR कोड एवं डाउनलोड लिंक का अधिकतम उपयोग किया जाए।टीबी मुक्त कटनी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी विभागों एवं नागरिकों से अपील की है कि “टीबी मुक्त भारत” ऐप को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ें, ताकि कटनी जिला शीघ्र ही टीबी मुक्त बनने की दिशा में अग्रसर हो सके। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता ही टीबी उन्मूलन की सफलता की कुंजी है।
