रिश्ते तार-तार: कटनी में कलयुगी पिता ने 11 साल की मासूम बेटी से कई बार किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
बदनामी और लोक-लाज के डर से घुटता रहा परिवार; दरिंदगी की हदें पार होने पर माँ ने दिखाई हिम्मत, कैमोर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
(कटनी) RPKP INDIA NEWS खून के रिश्तों को कलंकित और पिता-पुत्री के पावन रिश्ते को पूरी तरह तार-तार करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। कटनी जिले के कैमोर थाना क्षेत्र में एक 32 वर्षीय कलयुगी पिता ने अपनी ही 11 साल की मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाया। आरोपी पिता पिछले काफी समय से अपनी ही लाडली के साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था। लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से पूरा परिवार घुट-घुट कर जीने को मजबूर था, लेकिन जब हैवानियत की सारी हदें पार हो गईं, तो मां की ममता ने सामाजिक डर को पीछे छोड़ थाने का दरवाजा खटखटाया।
यह घिनौनी करतूत पिछले काफी समय से लगातार जारी थी। आरोपी पिता मासूम बेटी को डरा-धमकाकर कई बार दुष्कर्म कर चुका था। हाल ही में जब दरिंदगी असहनीय हो गई, तब जाकर यह मामला उजागर हुआ।
यह शर्मनाक घटना कटनी जिले के कैमोर थाना क्षेत्र की है। वारदात आरोपी के अपने ही घर के भीतर की है, जहाँ मासूम सुरक्षित होने के बजाय अपने ही पिता के हाथों शिकार बनती रही।
क्यों दबा रहा मामला?:
मासूम बच्ची खौफ के साए में जी रही थी, जिसके कारण वह शुरुआत में कुछ बोल नहीं पाई। बाद में जब माँ को इसकी भनक लगी, तो लोक-लाज, सामाजिक बदनामी और समाज में थू-थू होने के डर से परिवार चुप रहा और पहले हुई वारदातों की शिकायत पुलिस में नहीं की।
कैसे उजागर हुआ मामला?:
कलयुगी पिता की दरिंदगी जब बंद नहीं हुई और मासूम का डर के मारे जीना मुहाल हो गया, तो पीड़िता की माँ का सब्र का बांध टूट गया। उसने हिम्मत जुटाई और सामाजिक बदनामी की परवाह न करते हुए सीधे कैमोर थाने पहुंचकर आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने दिखाया सख्त रुख, आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कैमोर थाना पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाई। पुलिस ने पीड़िता की माँ की लिखित शिकायत पर आरोपी पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मासूम को जल्द से जल्द कड़ा न्याय मिल सके।
> थाना प्रभारी का बयान:
> “यह मामला बेहद गंभीर और मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला है। आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
समाज को सोचने पर मजबूर करती घटना
यह दिल दहला देने वाली वारदात न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने पर भी एक बड़ा तमाचा है। जिस पिता के साए में बेटियां खुद को सबसे सुरक्षित महसूस करती हैं, वही जब भक्षक बन जाए तो समाज किस दिशा में जा रहा है? लोक-लाज के डर से ऐसे मामलों को दबाना अपराधियों के हौसले बुलंद करता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि दरिंदों के खिलाफ आवाज उठाने में की गई देरी मासूमों की जिंदगी को और अधिक नर्क बना देती है।
