“छात्रों की गूंज” की ऐतिहासिक सफलता ने पूरे देश को दिया बड़ा संदेश — अब पूरे मध्यप्रदेश में गूंजेगी छात्रों की आवाज : जीतू पटवारी
इंदौर। RPKP INDIA NEWS
“छात्रों की गूंज” के ऐतिहासिक आयोजन के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इंदौर की जनता, प्रदेश के युवाओं, छात्रों, बेटियों, मीडिया, सिख समाज, प्रशासन एवं पुलिस सहित आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बोरासी सेतिया, इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्री पटवारी ने कहा कि इंदौर और मध्यप्रदेश के युवाओं ने “छात्रों की गूंज” के आयोजन में जिस उत्साह और संख्या में भागीदारी की, वह अद्भुत, अकल्पनीय और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल की क्षमता से कई गुना अधिक संख्या में युवा, छात्र और विशेष रूप से बेटियां पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक आयोजन की संख्या नहीं है, बल्कि छात्रों और युवाओं की भावनाओं की गूंज है। राहुल गांधी जी ने देश में शिक्षा, छात्रों के अधिकार, शिक्षा की सुरक्षा, किफायती शिक्षा, भ्रष्टाचार-मुक्त शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा को लेकर जिस राष्ट्रीय बहस की शुरुआत की है, उसे युवाओं ने अपने मुद्दे के रूप में स्वीकार किया है।
श्री पटवारी ने कहा कि सरकार, समाज, बुद्धिजीवी, युवा और राजनीतिक दल—सभी को मिलकर देश के युवाओं के भविष्य पर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए। “छात्रों की गूंज” इसी व्यापक बहस का हिस्सा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद आयोजन जिस सहजता और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ, वह इंदौर की गौरवशाली परंपरा का उदाहरण है।
उन्होंने इंदौर के जागरूक नागरिकों और परिवारजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने इस आयोजन को कांग्रेस का कार्यक्रम न समझकर छात्रों और युवाओं का अपना मुद्दा माना और इसमें सहभागी बने।
श्री पटवारी ने “छात्रों की गूंज” के दौरान सिख समाज द्वारा की गई लंगर सेवा के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सेवा की इस भावना के लिए वे पूरे सिख समाज को साधुवाद और प्रणाम करते हैं।
श्री पटवारी ने आयोजन में प्रशासन, पुलिस विभाग और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अपनी परिस्थितियों और नियमों के अनुसार कार्य किया और अंततः आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
IDA द्वारा मैदान के लिए राशि जमा करवाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि नियम बनाए गए हैं तो उन्हें सभी राजनीतिक दलों के लिए समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस को कोई व्यक्तिगत शिकायत या आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों और परंपराओं का पालन समान रूप से होना चाहिए।
मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर उठाए गए अन्य राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में शिक्षकों की कमी क्यों है? एक-शिक्षक वाले स्कूलों की स्थिति पर सरकार चर्चा क्यों नहीं करती? सरकारी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली होने के मुद्दे पर सरकार जवाब क्यों नहीं देती?
श्री पटवारी ने अपने वक्तव्य में दावा किया कि प्रदेश में ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की कमी, सरकारी विश्वविद्यालयों में 80 से 90 प्रतिशत तक पद रिक्त, बड़ी संख्या में बच्चों के 12वीं तक शिक्षा पूरी नहीं कर पाने और कॉलेज तक नहीं पहुंच पाने जैसी गंभीर समस्याओं पर चर्चा आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सवाल क्यों उठते हैं, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने व्यापमं, PSC, पटवारी परीक्षा और सिपाही भर्ती सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच एवं रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े भर्ती और परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता जरूरी है तथा सरकार को छात्रों और अभ्यर्थियों के सवालों का जवाब देना चाहिए।
श्री जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर का आयोजन शुरुआत है। अब “छात्रों की गूंज” की आवाज पूरे मध्यप्रदेश में पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। छात्रों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें एकत्रित कर शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि छात्रों की समस्याओं को संगठित तरीके से सरकार और समाज के सामने रखा जाए।
KG से PG तक किफायती, भ्रष्टाचार-मुक्त और रोजगारपरक शिक्षा की मांग
श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि KG से PG तक शिक्षा बच्चों का अधिकार होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा:
– किफायती (Affordable) हो,
– भ्रष्टाचार-मुक्त हो,
– छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा की गारंटी देने वाली हो,
– रोजगारपरक हो।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में “छात्रों की गूंज” अभियान के माध्यम से सरकार का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित किया जाएगा और छात्रों एवं युवाओं के भविष्य को लेकर प्रदेशभर में संवाद किया जाएगा।
श्री पटवारी ने कहा कि इंदौर में उमड़ा जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि शिक्षा, रोजगार और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर युवा गंभीर बहस चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि “छात्रों की गूंज” के माध्यम से अब यह आवाज केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में छात्रों और युवाओं के बीच पहुंचेगी।
“हमारा उद्देश्य किसी से विवाद करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार, समाज और युवाओं के बीच एक सकारात्मक और सार्थक बहस को आगे बढ़ाना है।”
