कालोनाइजर द्वारा निर्मित संदीप कॉलोनी की नवीन सीसी सड़क पर उठे गंभीर सवाल
RES विभाग और निर्माण एजेंसी पर मानकों से समझौते के आरोप, रहवासियों ने उठाई निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग
बरही (RPKP INDIA NEWS) बरही नगर की बहुचर्चित संदीप कॉलोनी में कराए गए विकास कार्य अब सवालों के घेरे में हैं। कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी के विकास कार्यों के लिए 67 लाख 76 हजार रुपये जमा कराने के बाद तैयार हुई सीसी सड़क की गुणवत्ता पर स्थानीय रहवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई और गुणवत्ता से समझौता किया गया। पूरे मामले को लेकर अब स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, 26 मार्च 2025 को कमिश्नर के निर्देश पर कॉलोनाइजर संदीप अग्रवाल ने कॉलोनी के विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि जमा कराई थी। इस राशि में 1210 मीटर सीसी सड़क निर्माण पर लगभग 38 लाख 72 हजार रुपये, 2370 मीटर नाली निर्माण पर लगभग 16 लाख 06 हजार रुपये तथा 30 विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर एवं प्रकाश व्यवस्था पर लगभग 12 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत बताए गए। राशि जमा होने के बाद जिला पंचायत के माध्यम से निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) को सौंपा गया और निर्माण एजेंसी एस.आर. बिल्डर्स द्वारा कार्य कराया गया। निर्माण पूरा होने के साथ ही कॉलोनीवासियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनका आरोप है कि जिस सड़क का निर्माण वर्षों तक टिकाऊ होना चाहिए था, उसके निर्माण में ही तकनीकी नियमों और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर दी गई।
एक-दो दिन में सड़क निर्माण पूरा करने का आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 1210 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण बेहद कम समय में पूरा कर दिया गया। उनका कहना है कि इतने बड़े निर्माण कार्य में बेस तैयार करने, लेवल जांच, कंक्रीट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त समय आवश्यक होता है, लेकिन यहां निर्माण कार्य जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया।
अर्थवर्क और बेस पर सबसे गंभीर सवाल
रहवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण से पहले किए जाने वाले आवश्यक अर्थवर्क और निर्धारित मोटाई के बेस का कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। कई स्थानों पर बेस अत्यंत पतला दिखाई देता है, जबकि कुछ जगहों पर मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क की नींव ही मजबूत नहीं होगी तो सड़क की गुणवत्ता और उसकी आयु दोनों प्रभावित होंगी।
निर्धारित चौड़ाई से कम निर्माण कराने का दावा
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सड़क कई स्थानों पर स्वीकृत चौड़ाई से कम बनाई गई। साथ ही सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री की मात्रा में भी कथित रूप से कटौती की गई। आरोप यह भी है कि निर्माण के बाद ऊपरी सतह पर अतिरिक्त सीमेंट का लेप कर कमियों को छिपाने का प्रयास किया गया।
वाइब्रेटर नहीं चलाने का आरोप
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि कंक्रीट डालते समय वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किया गया। निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार वाइब्रेटर का उपयोग कंक्रीट को सघन एवं मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है। यदि यह आरोप सही हैं तो इसकी पुष्टि केवल तकनीकी जांच से ही हो सकती है।
जब पूरी राशि जमा थी, तो गुणवत्ता से समझौता क्यों?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कॉलोनाइजर द्वारा विकास कार्यों के लिए पूरी राशि पहले ही जमा करा दी गई थी, तब निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का समझौता करने की आवश्यकता नहीं थी। उनका सवाल है कि यदि कार्य पूरी पारदर्शिता और स्वीकृत मानकों के अनुरूप हुआ है तो विभाग स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने से पीछे क्यों हटे?
अब जांच की मांग हुई तेज
रहवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए। सड़क की कोर कटिंग टेस्ट, कंक्रीट की लैब जांच, माप पुस्तिका (एमबी), गुणवत्ता नियंत्रण रिपोर्ट, निर्माण सामग्री, भुगतान संबंधी अभिलेख तथा साइट निरीक्षण रिपोर्ट की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य सही पाया जाता है तो सभी आरोप स्वतः समाप्त हो जाएंगे, लेकिन यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इनका कहना:
आरईएस विभाग के एसडीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि सीसी सड़क निर्माण की शिकायत पहले भी प्राप्त हुई थी। अब पुनः शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में गुणवत्ता संबंधी कमी अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक सुधार एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
बरही
