कटनी CSP नेहा पच्चीसिया से छीना तीन थानों का प्रभार, अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के आरोपों की जांच तेज

कटनी | RPKP INDIA NEWS कटनी शहर की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर लगे गंभीर आरोपों के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के आरोपों की जांच के बीच उनसे तीन प्रमुख थाना क्षेत्रों का प्रभार वापस ले लिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीन थानों का प्रभार हटाया गया

जिला पुलिस प्रशासन ने कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों की निगरानी का दायित्व CSP नेहा पच्चीसिया से वापस लेकर एजेएके डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दिया है। यह फैसला प्रारंभिक जांच शुरू होने के बाद लिया गया।

परिवहन कारोबारी ने लगाए अवैध वसूली के आरोप

मामला उस समय चर्चा में आया जब परिवहन कारोबारी महेंद्र जैन ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि वाहन जांच के दौरान उनसे 30 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत में दावा किया गया कि 25 हजार रुपये मौके पर लिए गए और शेष 5 हजार रुपये बाद में चालक के माध्यम से मांगे गए। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

विभागीय लापरवाही का मामला भी जांच के दायरे में

अवैध वसूली के आरोपों के अलावा एक हत्या के मामले में भी विभागीय लापरवाही की जांच की जा रही है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश नहीं किया गया, जिसके कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई। इसी प्रकरण से जुड़े कुछ अन्य आरोपों की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।

जांच की जिम्मेदारी जबलपुर ASP को

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की जिम्मेदारी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार की विभागीय या कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

CSP के चालक को किया गया निलंबित

प्रारंभिक कार्रवाई के तहत CSP नेहा पच्चीसिया के चालक आरक्षक केशव सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोप को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना गया है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें