खरगापुर में धूमधाम से मनाई गई वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती
खरगापुर। RPKP INDIA NEWS
टीकमगढ़ जिले के खरगापुर अग्रवाल मैरिज गार्डन में अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती भव्य रूप से मनाई गई। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। अतिथियों ने वीरांगना के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सभी अतिथियों का भगवा पट्टी पहनाकर एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में शामिल पत्रकारों का पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी द्वारा सम्मान किया गया।
वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही वे साहसी और वीर थीं तथा घुड़सवारी एवं शस्त्र संचालन में दक्ष थीं। उनका विवाह रामगढ़ रियासत के राजा विक्रमादित्य सिंह से हुआ था।

पति के अस्वस्थ होने के बाद रानी अवंती बाई ने रामगढ़ रियासत का शासन संभाला। अंग्रेजों की हड़प नीति का उन्होंने खुलकर विरोध किया और अंग्रेजी अधिकारियों को रामगढ़ से बाहर कर दिया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने आसपास के राजाओं, जमींदारों और जनता को अंग्रेजों के खिलाफ संगठित किया।
23 नवंबर 1857 के खैरी युद्ध में रानी अवंती बाई ने अंग्रेजी सेना को पराजित कर अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। बाद में अंग्रेजों ने बड़ी सैन्य शक्ति के साथ रामगढ़ पर हमला किया। मार्च 1858 में घिर जाने के बावजूद रानी ने आत्मसमर्पण नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी ने समाज में एकजुटता, भाईचारे और सभी समाजों के साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में “वीरांगना रानी अवंती बाई अमर रहें” के जयकारे गूंजते रहे।

