स्कूल वाहन से गिरकर 10 वर्षीय मासूम की मौत, स्कूल जाते समय हुआ हादसा, द्वारिका स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था बालक

घटना से पनपा आक्रोश, परिजनों और ग्रामीणों ने आजाद चौक में शव रखकर किया प्रदर्शन, देर तक थमी रही वाहनों की आवाजाही

कटनी। RPKP INDIA NEWS
स्कूल वाहन से गिरकर एक 10 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। घटना विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत नदीपार में शराब दुकान के समीप की है। जानकारी जो प्राप्त हुई है उसके अनुसार ग्राम टीकर निवासी जीत यादव पिता दिनेश यादव, उम्र 10 वर्ष, विजयराघवगढ़ में संचालित द्वारिका स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। रोज की तरह जीत यादव स्कूल वाहन क्रमांक एमपी 66 टी 2275 में सवार हो कर विद्यालय जा रहा था। जब स्कूल वाहन विजयराघवगढ़ नदीपार स्थित शराब दुकान के समीप मोड़ से गुजर रहा था तभी अचानक वाहन का दरवाजा खुल गया जिस दौरान बालक नीचे गिर गया। घटना का शिकार हुए मासूम को गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद बालक के शव को सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ में छोड़कर वाहन चालक भाग निकला।

वहीं घटना की खबर लगने पर परिजन और ग्रामीण विजयराघवगढ़ पहुंच गए जिसके बाद माहौल गमगीन हो गया। घटना से मृतक के स्वजनों सहित ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया और लोगों ने बालक के शव को रखकर चक्का जाम कर दिया। मृतक के स्वजनों का कहना था कि स्कूल प्रबंधन द्वारा सहानुभूति दिखाने की बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का काम किया गया। स्कूल में संलग्न वाहन मानकों को तय करते हैं या नहीं इसकी जांच पड़ताल किए बगैर ही बच्चों को लाने ले जाने का जिम्मा दे दिया जाता है। अगर वाहन का दरवाजा लॉक होता तो शायद अनहोनी टल जाती।

दूसरी बात यह कि वाहन में परिचालक भी नहीं रहता। इसके अलावा लापरवाही पूर्वक बच्चों को ठूंस ठूंस कर वाहन में भरा जाता है जिसके सम्बन्ध में भी प्रशासन या स्कूल प्रबंधन ध्यान देना मुनासिब नहीं समझता। मृतक के वारसानों को उचित मुआवजा देने, स्कूल प्रबंधन और घटना कारित करने वाले वाहन और चालक के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर विजयराघवगढ़ के आजाद चौक में प्रदर्शन किया गया।

मौके पर एसडीएम विवेक गुप्ता, तहसीलदार, एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे, टीआई अभिषेक चौबे सहित विजयराघवगढ़, कैमोर, बरही, कुठला, माधवनगर आदि थानों से पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। समाचार लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासन द्वारा परिजनों को समझाइश देने और शांत कराने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन जारी रखा।

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