भाजपा को जनता के जनादेश का डर, इसलिए रोके गए नगरीय निकाय उपचुनाव : जीतू पटवारी

भोपाल। RPKP INDIA NEWS
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नगरीय निकायों के उपचुनाव स्थगित किए जाने पर निर्वाचन आयोग और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तब ऐन वक्त पर चुनावों को आगामी आदेश तक स्थगित करना लोकतंत्र की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

श्री पटवारी ने कहा कि नगरपालिका, नगर निगम और नगर पंचायत के उपचुनाव स्थगित कर दिए गए हैं, जबकि जनपद पंचायत और जिला पंचायत के उपचुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। आखिर एक ही प्रदेश में चुनावों को लेकर यह दोहरा मापदंड क्यों? उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर होते हैं। ऐसे में भाजपा को यह डर क्यों सता रहा है कि पार्टी के सिंबल पर चुनाव होने पर जनता उसे नकार सकती है?

अगर भाजपा को अपनी लोकप्रियता और जनसमर्थन पर इतना ही भरोसा है, तो फिर चुनाव से भागने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
श्री पटवारी ने कहा कि “जब चुनाव अपने पक्ष में दिखे तो तारीख घोषित करो,
और जब हार सामने दिखे तो चुनाव ही स्थगित कर दो
क्या यही लोकतंत्र है?”

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग कोई राजनीतिक दल नहीं है, जिसे सत्ता की सुविधा और राजनीतिक गणित के हिसाब से चुनाव कराने अथवा रोकने का अधिकार हो। चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और उन्हें मनमाने तरीके से स्थगित करना संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

श्री पटवारी ने कहा कि 7 सितंबर 2026 को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र में नगरीय निकायों के उपचुनाव को आगामी आदेश तक स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जा चुका था। अब अचानक चुनाव रोकने का फैसला प्रदेश की जनता के मन में कई सवाल खड़े कर रहा है।

उन्होंने सवाल किया कि
जब चुनाव घोषित किए गए थे, तब क्या प्रशासन को कानून-व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बल, बारिश, आपदा राहत कार्य और आगामी त्योहारों की जानकारी नहीं थी? यदि ये कारण पहले से मौजूद थे, तो चुनावी कार्यक्रम जारी करने से पहले इनका आकलन क्यों नहीं किया गया?

श्री पटवारी ने कहा कि यह केवल चुनाव स्थगित करने का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल है कि मध्यप्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया किसके दबाव और किसके राजनीतिक हित के अनुसार संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा भाजपा की हार का डर चुनाव रोककर नहीं छिपाया जा सकता।
मध्यप्रदेश की जनता सब देख रही है।
चुनाव आज नहीं तो कल होंगे, लेकिन जब जनता फैसला करेगी तो सत्ता का पूरा खेल सामने आ जाएगा।”
श्री पटवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को चुनाव स्थगित करने के वास्तविक कारणों को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली राजनीतिक दबाव से प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता का अधिकार है, किसी सरकार की सुविधा नहीं। कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं करेगी।

“अब सवाल सिर्फ चुनाव का नहीं है—
सवाल लोकतंत्र की निष्पक्षता का है।
मध्यप्रदेश की जनता इस पूरे खेल को देख रही है और वक्त आने पर इसका जवाब भी देगी।”

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