स्कूल बसों की सघन जांच में 8 की फिटनेस निरस्त, 11 वाहन थाना बरही में खड़े कराए
स्कूल बसों की सघन जांच में 8 की फिटनेस निरस्त, 11 वाहन थाना बरही में खड़े कराए
(कटनी) जिले में संचालित स्कूल बसों एवं अन्य स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री संतोष पॉल के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल वाहनों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, फिटनेस, आपातकालीन द्वार और वीएलटीडी (पेनिक बटन) सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।38 स्कूल वाहनों की हुई जांच, 8 में मिली कमियां अभियान के दौरान कुल 38 स्कूल बसों एवं अन्य स्कूल वाहनों की जांच की गई। निरीक्षण में 8 स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार पर सीट लगी हुई पाई गई। इसके साथ ही इन वाहनों में वीएलटीडी (पेनिक बटन) भी सुचारू रूप से कार्यरत नहीं पाया गया। विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से इन कमियों को गंभीर मानते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री संतोष पॉल ने संबंधित 8 स्कूल बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। साथ ही कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्कूल वाहनों को सुरक्षार्थ थाना बरही में खड़ा कराया गया, ताकि आवश्यक सुरक्षा मानकों की पूर्ति किए बिना इनका संचालन न हो सके। इन स्कूल वाहनों का किया गया निरीक्षण जांच के दौरान सुधा स्मृति स्कूल की दो बसों क्रमांक एमपी-21-पी-03029 एवं एमपी-21-पी-0409 का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार एसएसएस गुरुकुल स्कूल की चार बसें क्रमांक एमपी-21-पी0316, एमपी-21-0318, एमपी-21-जीपी-0120 एवं जीजे-18-एएक्स-8254 भी जांच के दायरे में रहीं। इसके अलावा आरसी स्कूल की तीन बसों क्रमांक एमपी-19-पी-0734, एमपी-19-पी-0735 एवं एमपी-19-पी-0652 का निरीक्षण किया गया।
इसी क्रम में सरस्वती स्कूल के एक टाटा मैजिक वाहन सहित एक अन्य स्कूल वाहन क्रमांक एमपी-20-बीए-8286 की भी जांच की गई। इस प्रकार कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्कूल वाहनों को थाना बरही में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया।सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। आपातकालीन द्वार पर सीट लगाए जाने से दुर्घटना अथवा किसी आपात स्थिति में बच्चों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकालने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसी प्रकार वीएलटीडी एवं पेनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री संतोष पॉल ने बताया कि स्कूल वाहनों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों से अपने वाहनों की नियमित जांच कराने तथा सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा रखने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
