स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के क्रियान्‍वयन हेतु प्रशिक्षण संपन्‍न कटनी जिले के करीब 1 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा स्वामित्व अधिकार अभियान का लाभ जिले में 17 सितंबर से शुरू होगी योजना, पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क

(कटनी) ग्रामीण आबादी क्षेत्र में निवासरत भूखण्ड धारकों को उनके भूखण्ड का विधिवत स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में 17 सितंबर से लागू होने वाली “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना के अंतर्गत स्‍वामित्व अधिकार अभिलेख के दस्तावेजों के निःशुल्क निष्पादन एवं पंजीयन कार्य के चरणबद्ध क्रियान्वयन को लेकर कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी की मौजूदगी में शनिवार को बस स्‍टैण्‍ड स्थित ऑडिटोरियम में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों एवं पटवारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। योजना के अंतर्गत जिले के 840 ग्रामों में लगभग 1 लाख 5 हजार भू-धारकों के स्वामित्व अधिकार अभिलेख संबंधी दस्तावेजों का निष्पादन एवं पंजीयन नि:शुल्‍क निर्धारित किया जाएगा। प्रशिक्षण में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, दायित्वों और समय-सीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

तीन चरणों में पूरा होगा कार्यस्वामित्व अधिकार अभिलेख के दस्तावेजों के निष्पादन एवं पंजीयन का कार्य तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 17 से 19 सितंबर, द्वितीय चरण 24 से 26 सितंबर तथा शेष कार्य के लिए तृतीय चरण 1 से 3 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्‍टर श्री तिवारी ने निर्धारित अवधि में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत पात्र भू-धारकों को उनकी संपत्ति के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क निष्पादन एवं पंजीयन कराया जाएगा। संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के समन्वय से पटवारी एवं उप पंजीयक स्तर की कार्यवाही संपादित की जाएगी। ग्राम स्तर पर होगा व्यापक प्रचार-प्रसारअभियान को सफल बनाने के लिए रोजगार सहायक एवं ग्राम पंचायत सचिवों को ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र भू-धारकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभियान की निगरानी एवं पर्यवेक्षण करेंगे। समग्र कार्यवाही का नियमानुसार एवं चरणबद्ध तरीके से संपादन कराने का दायित्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का रहेगा। वे नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वय से अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएंगे।ई-केवाईसी और भूखण्ड लिंकिंग कराना जरूरीकलेक्टर ने संबंधित आबादी भूखण्ड धारकों से अपील की है कि योजना के क्रियान्वयन से पहले अपनी समग्र ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। इसके साथ ही भूखण्ड को भूखण्ड धारक की जानकारी से लैण्‍ड लिंकिंग/केवाईसी कराना भी आवश्यक है। हितग्राही अपने ग्राम के संबंधित पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक अथवा उपलब्ध स्थानीय सहायता केंद्रों से संपर्क कर ई-केवाईसी एवं भूखण्ड लिंकिंग की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ई-केवाईसी एवं भूखण्ड लिंकिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही स्वामित्व अधिकार अभिलेख के निष्पादन एवं पंजीयन की आगामी कार्यवाही सुचारू रूप से पूरी हो सकेगी।

इसलिए जिन हितग्राहियों की प्रक्रिया लंबित है, वे निर्धारित समय में इसे पूर्ण कराएं। नि:शुल्‍क होगा पंजीयनस्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी हितग्राही को इसके लिए किसी व्यक्ति, कर्मचारी अथवा अन्य माध्यम को नगद या ऑनलाइन किसी भी रूप में राशि देने की आवश्यकता नहीं है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें