कैमोर में टीबी और छाती रोगों की जांच के लिए विशेष शिविर, पहले दिन 121 मरीजों ने कराया पंजीयन
कटनी। RPKP INDIA NEWS। टीबी और छाती संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कैमोर में दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर शुक्रवार, 9 अक्टूबर को शुरू हुए शिविर में जिला चिकित्सालय कटनी के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर निःशुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई। शिविर के पहले दिन कुल 121 लोगों ने पंजीयन कराया।
पहले दिन मरीजों की जांच, एक्स-रे और विभिन्न टेस्ट किए गए
शिविर के पहले दिन जिला चिकित्सालय कटनी के टीबी एवं चेस्ट विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. सोनी और डॉ. शिव मोहन सराफ ने मरीजों की जांच की। इसके अलावा विकासखंड सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा दल ने भी सेवाएं दीं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले दिन 60 मरीजों का एक्स-रे किया गया। इनमें टीबी के दो पुराने मरीज मिले, जबकि 58 लोगों की रिपोर्ट सामान्य रही। इसके अलावा 84 मरीजों की ब्लड शुगर जांच में 11 लोगों में डायबिटीज पाई गई।
शिविर के दौरान 84 लोगों की बलगम जांच, 90 लोगों की निक्षय जांच तथा 84-84 लोगों की एचआईवी और हेपेटाइटिस जांच भी की गई।
शनिवार को जबलपुर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ करेंगे जांच
शिविर के दूसरे दिन, 10 अक्टूबर को नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों की जांच करेंगे। इनमें रेस्पिरेटरी मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष दीवान और डीएम एवं सीनियर पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज मोहन शामिल हैं।
जांच के दौरान स्क्रीनिंग में चिन्हित मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

15 दिन से अधिक खांसी रहने पर कराएं जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजसिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निम्न समस्याएं होने पर स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं:
- 15 दिन से अधिक समय तक खांसी या बुखार रहना।
- सांस लेने में परेशानी होना।
- खांसी में खून आना।
- लगातार वजन घटना या भूख नहीं लगना।
- छाती में दर्द होना।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से शिविर का लाभ उठाने और समय पर जांच एवं उपचार कराने की अपील की है।

