Umang Singhar Flags Asbestos Risk : नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कैमोर में एस्बेस्टस कचरे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों का उठाया मुद्दा

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से की चर्चा, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और प्रभावित लोगों की जांच पर दिया जोर

कैमोर। RPKP INDIA NEWS  औद्योगिक नगरी कैमोर में एस्बेस्टस कचरे से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने कैमोर दौरे के दौरान इस विषय पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार से क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कैमोर दौरा औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर चर्चा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान उन्होंने श्रमिक नेता स्वर्गीय पंडित श्याम तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा स्थानीय लोगों की समस्याओं और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा की।

कैमोर में एस्बेस्टस कचरे से जुड़े संभावित स्वास्थ्य खतरों का मुद्दा उठाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार से क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य शिविरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि स्थानीय लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो उनकी समय पर पहचान, उचित चिकित्सकीय जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन को गंभीरता से पहल करने की आवश्यकता बताई।

कैमोर प्रवास के दौरान सिंघार ने वहां पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ बैठक कर एस्बेस्टस के संपर्क से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों, संबंधित लक्षणों, बचाव के उपायों और स्थानीय लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के विषय में चर्चा की। एस्बेस्टस के संपर्क से होने वाली बीमारियों के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य निगरानी, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और सुरक्षित पर्यावरण की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जाता है।

उन्होंने कहा कि एस्बेस्टस के संपर्क से गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र के लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। हालांकि, कैमोर में सामने आने वाली किसी बीमारी का एस्बेस्टस कचरे से सीधा संबंध स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय प्रमाण आवश्यक हैं।

अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की जांच, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और एस्बेस्टस कचरे से जुड़े संभावित जोखिमों के आकलन के लिए संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।

विदित हो कि श्रमिक नेता स्वर्गीय श्याम तिवारी ने एस्बेस्टस से होने वाली बीमारियों के मुद्दे पर सर्वप्रथम पहल करते हुए पीड़ितों को उपचार के लिए सहायता राशि दिलाने की दिशा में अथक प्रयास किए थे। श्रमिकों के हितों और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को आज भी याद किया जाता है। उनके निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।

अब क्षेत्रवासियों को उनके सुपुत्र सुमित ‘गोलू’ तिवारी से उम्मीद है कि वे अपने पिता के संघर्ष और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एस्बेस्टस पीड़ितों की समस्याओं, उनके उपचार और आर्थिक सहायता के मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे तथा क्षेत्रवासियों के हितों का ध्यान रखेंगे।

✍️ संतोष प्रसाद तिवारी
   RPKP INDIA NEWS
               कैमोर

 

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