नगाड़ा उत्सव के दूसरे दिन आठ राज्यों की लोकसंस्कृति की दिखी अनुपम छटा
विधायक श्री टेकाम ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन, कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं ने दी प्रेरक प्रस्तुति
उत्सव के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य, हरियाणा के बनचारी, झारखंड के उरांव, छत्तीसगढ़ के गौर, महाराष्ट्र के लेझिम, कर्नाटक के ढोलुकुनीथा, केरल के चेंडा मेलम और ओडिशा के दुलदुली नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। आठ राज्यों की सांस्कृतिक विधाओं को एक मंच पर देखने का अवसर दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक जीवनशैली की झलक प्रस्तुत की।
मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य ने प्रदेश की लोकसंस्कृति की विशिष्टता को दर्शाया। हरियाणा के बनचारी, झारखंड के उरांव और छत्तीसगढ़ के गौर नृत्य ने अपनी पारंपरिक शैली से दर्शकों को आकर्षित किया। महाराष्ट्र के लेझिम की लयबद्ध प्रस्तुति, कर्नाटक के ढोलुकुनीथा की ऊर्जापूर्ण ताल, केरल के चेंडा मेलम की प्रभावशाली वाद्य ध्वनियों और ओडिशा के दुलदुली नृत्य ने आयोजन में सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखेरे। पारंपरिक ताल, लय और नृत्य के सुंदर समन्वय ने उत्सव के वातावरण को जीवंत बना दिया।
विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन
नगाड़ा उत्सव के दूसरे दिन धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोककला और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण, लोक कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं ने प्रस्तुत किया छत्तीसगढ़ी नृत्य
उत्सव के मंच पर कन्या शिक्षा परिसर, कुसमी की बालिकाओं ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ी नृत्य के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में लोकपरंपराओं के प्रति जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली। इसी मंच पर बालिकाओं ने देश के नौजवानों को जागृत करने, जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देने वाले गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति भी दी। उत्साह और ऊर्जा से भरपूर इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने बालिकाओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और मनोबल बढ़ाया।
लोककलाओं के संरक्षण और सांस्कृतिक एकता का संदेश
टमसार में आयोजित नगाड़ा उत्सव लोककलाओं, जनजातीय परंपराओं और भारतीय सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। उत्सव में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को देश की समृद्ध लोक विरासत से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, स्थानीय प्रतिभाओं और विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध हो रहा है। उत्सव के दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और पीढ़ियों के बीच परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम भी है। आठ राज्यों की लोकसंस्कृति और कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं की प्रेरक प्रस्तुतियों ने नगाड़ा उत्सव को यादगार सांस्कृतिक आयोजन का रूप दिया।
