अशोक को पथ विक्रेता आत्मनिर्भर योजना ने दिया सहारा (खुशियों की दास्तां ) –
( ग्वालियर )
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कोरोना संक्रमण की वजह से आई परेशानी में इस योजना से पथ विक्रेताओं को काफी हद तक बेरोजगारी से निजात मिल रही है। इस योजना के तहत मिली सहायता से चयनित परिवारों ने आत्मनिर्भर बनने का बीड़ा उठाया है। काम छोटा भले ही है लेकिन भविष्य के लिये नई शुरूआत है। चिमनी पुरा रवि नगर रेल्वे क्रॉसिंग के पास ग्वालियर में रहने वाले अशोक ने कोरोना संकट के दौर में हिम्मत नहीं हारी और जीने का नया सहारा तलाशा। उन्होंने प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना के तहत आवेदन किया। उन्हें 10 हजार रूपये की आर्थिक मदद मिल गई है। इससे उन्होंने सब्जी भाजी का ठेला लगाया। पहले थोडी थोडी सब्जी खरीद कर बेची आज 200 से 250 रूपये प्रतिदिन कमा लेते हैं। जिससे उनका घर का गुजारा आसानी से हो रहा है। उनका कहना है कि यह छोटी मदद हमारे लिये बड़ी कारगर साबित हुई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा शहरी पथ विक्रेताओं, हाथ ठेला, फुटपाथ पर सभी प्रकार की साम्रगी बेचने वालो और मौची का काम करने वाले, फेरी लगाकर सब्जी, खाद्य़ सामग्री, जरुरी सामान बेचने वाले व्यक्ति मुख्यमंत्री शहरी असंगठित कामगार आदि के लिये उक्त योजना चलाई जा रही है। ऑनलाइन पंजीकृत और पात्र पथ व्यवसायियों को प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के जरिए 10 हजार रुपए की कार्यशील पूँजी के लिए बिना ब्याज के मदद उपलब्ध कराई जा रही है। |
