संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ायें – सीईओ

कटनी –

समय सीमा प्रकरणों की बैठक सम्पन्न

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में सोमवार को सम्पन्न समय सीमा प्रकरणों की बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे ने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होने विभागीय अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिये। इस मौके पर आयुक्त नगर निगम सतेन्द्र धाकरे, एसडीएम बलबीर रमन, डिप्टी कलेक्टर संघमित्रा गौतम, एसीईओ गौरव पुष्प सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

सीईओ जिला पंचायत श्री गोमे ने समय सीमा प्रकरणों की बैठक में समाधान के विषय से संबंधित सीएम हेल्पलाईन, संतुष्टिपूर्ण निराकरण समय बाह्य प्रकरण, टीएल के विषय, धान खरीदी, आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड की स्थिति, सीएम मानिट, सेन्ट्रल पीजी के प्रकरणों की समीक्षा की। सीएम हेल्पलाईन की समीक्षा में आदिम जाति, लोक निर्माण सहित 14 विभागों को संतुष्टिपूर्ण निराकरण प्रतिशत 50 से कम पाये जाने पर इसे बढ़ाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार परिवहन, उच्च शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, निःशक्तजन कल्याण का संतुष्टिपूर्ण निराकरण 100 से 77 प्रतिशत एवं कुल औसत संतुष्टिपूर्ण निराकरण 56 प्रतिशत पाया गया है। आयुष्मान कार्ड की समीक्षा में बताया गया कि अब तक जिले में 2 लाख 3 हजार 883 आयुष्मान भारत के कार्ड बनाये गये हैं। जिनमें से 330 लोक सेवा केन्द्र, 7252 हॉस्पिटल और 1 लाख 96 हजार 631 कार्ड सीएससी द्वारा बनाये गये हैं। सीईओ जिला पंचायत श्री गोमे ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर और हाट बाजार स्तर पर भी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की योजना तैयार करें।

धान खरीदी की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 9870 पंजीकृत किसानों से 59197 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसमें 50830 मेट्रिक टन का परिवहन हो चुका है, जो 86 प्रतिशत है। कुल खरीदी में से अब तक 31 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है।

सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि खरीदी केन्द्र प्रभारी सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन खरीदी कार्य समाप्त होने के पश्चात धान को तिरपाल से समुचित रुप से ढंक दिया जाये। ताकि बारिश की संभावना के तहत धान गीली नहीं हो। उन्होने सभी खरीदी केन्द्रों में वारदाने और त्रिपाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रखने के निर्देश दिये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोमे ने कहा कि जिन विभागों ने अभी तक आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की अगले 30 दिवस और दीर्घकालीन योजना तैयार करके प्रस्तुत नहीं की है, वह विभाग स्थानीय रुप से दोनों तरह की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें।

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