बाल विवाह एवं बाल अपराध मुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी के लिये दिलवाया गया संकल्प

कटनी  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निरंतर जनसमुदाय को महिलाओं एवं बालकों से जुडी कुरीतियों एवं अपराधों के विरुद्ध जागरूक किये जाने विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में विभाग द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय हिरवारा में समेकित बाल संरक्षण योजनानातर्गत लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनयम 2012 पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

            कार्यशाला में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को गुड टच और बैड टच को पहचानना, बैड टच का विरोध करना, विपरीत परिस्थितियों में स्वयं के बचाव के उपाय, एवं पॉक्सो के बाल मित्र प्रावधानों पर विस्तार से जानकरी सुश्री वनश्री कुर्वेती जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी कटनी एवं श्री मनीष तिवारी संरक्षण अधिकारी द्वारा दी गई। साथ ही बालकों को टोल फ्री चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 एवं पॉक्सो ई-बॉक्स के बारे में भी बताया गया। चाइल्ड लाइन 24 घंटे बच्चों के लिए सम्पूर्ण देश में कार्य करने वाली आपातकालीन एवं गैरआपतकालीन सेवा है ।

            विभागीय अधिकारीयों द्वारा ग्राम हिरवारा में चौपाल का आयोजन कर महिलाओं, पुरुषों एवं किशोरी बालक बालिकाओं से लाडो अभियान अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर चर्चा की गई। ग्रामीण जनों को जानकारी दी गई की 18 वर्ष से पूर्व बालिका की और 21 वर्ष से पूर्व बालक का विवाह कानूनन एवं सामाजिक अपराध है। बाल विवाह कराने एवं इसमें सम्मिलित होने वालों को कानूनन सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। सुखी और स्वस्थ्य समज के निर्माण के लिए आवश्यक है कि हम बाल विवाह का पुरज़ोर विरोध करें एवं समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रण लें।

 

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