‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’
मोदी सरकार ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना को 1 जून, 2020 से पूरे देश में लागू करना चाहती है. योजना लागू होने के बाद कोई भी कार्डधारी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत किसी भी राज्य में राशन की दुकान से अपना राशन ले सकेगा। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, ‘राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह आवश्यक है कि देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जो भी राशन कार्ड जारी करें वे सभी एक फार्मेट में हों। केंद्र सरकार ने इस वजह से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन जारी करने के लिए स्टेंडर्ड फार्मेट जारी किया गया है।राज्य चाहें तो इसमें अपनी जरूरत के मुताबिक कुछ और जोड़ सकते हैं।कार्ड में एक स्थानीय भाषा के दूसरी भाषा हिन्दी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी को अमल में लाने में मदद मिलेगी। राज्यों से कहा गया है कि वह 10 अंकों वाला राशन कार्ड जारी करें जिसमें पहले दो अंक राज्य कोड होगा और अगले अंक राशन कार्ड संख्या के अनुरूप होंगे। इसमें अगले दो अंक राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की पहचान के तौर पर शामिल होंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 75 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
