थोड़े लक्षण दिखते ही इलाज लें

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(भोपाल) मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना की शुरूआत पर ही इलाज प्रारंभ कर दिए जाने से यह पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है, परंतु विलंब घातक हो सकता है। अतः थोड़े भी लक्षण दिखने पर तुरंत जाँच की जाए तथा जाँच के समय ही व्यक्ति को मेडिकल किट भी दे, जिससे कि उपचार प्रारंभ हो सके। लापरवाही बिल्कुल न करें, थोड़े लक्षण दिखते ही इलाज लें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाए तथा सर्दी, जुकाम बुखार आदि लक्षण होने पर मेडिकल किट देकर इलाज प्रारंभ कर दिया जाए। “अर्ली डिटेक्शन एंड क्योर” की रणनीति पर चलते हुए हम प्रत्येक कोरोना मरीज़ को स्वस्थ कर सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार मध्यप्रदेश कोरोना पीक से नीचे आ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में संबंधित मंत्रीगण तथा अधिकारी उपस्थित थे।

88,511 एक्टिव प्रकरण

प्रदेश में अब कोरोना के 88 हजार 511 एक्टिव प्रकरण हैं। पिछले 24 घंटे में एक्टिव प्रकरणों में 2285 की कमी आई है, 12 हजार 379 नए प्रकरण आए हैं, वहीं 14 हजार 562 मरीज़ ठीक हुए हैं। हमारी पॉजिटिविटी रेट 20.3% हो गई है तथा साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 22% है।

प्रदेश अब पीक से नीचे आ रहा है

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र अग्रवाल द्वारा किए गए केस प्रेडिक्शन के अनुसार मध्यप्रदेश अपने कोरोना पीक पर पहुँच गया है। अब मामले कम हो रहे हैं।

डॉक्टर दिन में एक बार फोन अवश्य करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन में उपचाररत मरीजों को दिन में कम से कम एक बार डॉक्टर आवश्यक रूप से फ़ोन करके सलाह दें।

ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति

प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति निरंतर हो रही है। प्रदेश को 589 एमटी ऑक्सीजन का कोटा मिल रहा है। 30 अप्रैल को 465 एमटी, एक मई को 489 एमटी ऑक्सीजन सप्लाई रही तथा 2 मई के लिए 503 एमटी आपूर्ति का अनुमान है।

58 नए ऑक्सीजन प्लांट

प्रदेश के सभी जिलों में कुल 58 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्य को गति दिए जाने के निर्देश दिए।

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कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में संचालित पत्थर खदानों और क्रशर संयंत्रों में ब्लास्टिंग के लिए उपयोग होने वाली विस्फोटक सामग्री की निगरानी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में खनि अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला ने खनि निरीक्षक शिशिर यादव के साथ गोपदबनास तहसील अंतर्गत ग्राम बहेरा पश्चिम, अमहवा और उपनी में संचालित स्वीकृत खदानों एवं क्रशर क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित खदान एवं क्रशर क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। साथ ही खदान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग गतिविधि केवल सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही नियमों के अनुरूप की जाए। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में संचालित सभी स्वीकृत खदानों एवं क्रशर संयंत्रों का आगामी दिनों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी नियमों के विपरीत गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी कड़ी में 18 मई 2026, सोमवार को दोपहर 3 बजे चुरहट एवं रामपुर नैकिन क्षेत्र के खदान संचालकों के साथ उपखंड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित रखरखाव, ब्लास्टिंग प्रक्रिया की समीक्षा और औचक जांच की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में संचालित पत्थर खदानों और क्रशर संयंत्रों में ब्लास्टिंग के लिए उपयोग होने वाली विस्फोटक सामग्री की निगरानी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में खनि अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला ने खनि निरीक्षक शिशिर यादव के साथ गोपदबनास तहसील अंतर्गत ग्राम बहेरा पश्चिम, अमहवा और उपनी में संचालित स्वीकृत खदानों एवं क्रशर क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित खदान एवं क्रशर क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। साथ ही खदान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग गतिविधि केवल सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही नियमों के अनुरूप की जाए। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में संचालित सभी स्वीकृत खदानों एवं क्रशर संयंत्रों का आगामी दिनों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी नियमों के विपरीत गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी कड़ी में 18 मई 2026, सोमवार को दोपहर 3 बजे चुरहट एवं रामपुर नैकिन क्षेत्र के खदान संचालकों के साथ उपखंड मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित रखरखाव, ब्लास्टिंग प्रक्रिया की समीक्षा और औचक जांच की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।