ब्रेकिंग न्यूज़ : भारत सरकार ने ट्विटर का कानूनी संरक्षण को किया खत्म, अब होगी ट्विटर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही
(नई दिल्ली) भारत सरकार के नए आईटी नियमों का पालन न करने को लेकर ट्विटर पर सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। अब ट्विटर से भारतीय आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी कार्रवाई से छूट को खत्म कर दिया गया है। कानूनी संरक्षण खत्म होते ही उत्तरप्रदेश सरकार ने ट्विटर के खिलाफ फेक न्यूज को लेकर केस दर्ज किया है। एक अधिकारी के मुताबिक, 26 मई से ट्विटर को मिली कानूनी छूट खत्म हो चुकी है। सरकार ने पहले ही ट्विटर को यह सूचना दी थी कि अगर उसने नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया तो उसे आईटी कानून के तहत दायित्व से जो छूट मिलती है, वह वापस ले ली जाएगी। इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। इससे पहले मंगलवार को ट्विटर ने कहा था कि उसने भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है। जल्द ही अधिकारी का ब्योरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। नए आईटी नियम 25 मई, 2021 से लागू हो चुके हैं, लेकिन ट्विटर ही एक ऐसा अकेला टेक प्लेटफॉर्म है जिसने सरकार की तरफ से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद इन नियमों का पालन नहीं किया है। आपको बता दें कि नए नियमों का पालन 25 मई तक करना था लेकिन बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद ट्विटर ने वैधानिक अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की, जो कि नए नियमों के तहत अनिवार्य था। आईटी एक्ट की धारा 79 अभी तक ट्विटर को किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से छूट देती थी। हालांकि, अब यह सुरक्षा खत्म होने के बाद यदि कोई यूजर गैर-कानूनी या भड़काऊ पोस्ट करता है तो ट्विटर के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
नए आईटी नियमों को लागू नहीं करने पर एक्शन
ट्विटर (Twitter) की ओर से 25 मई से लागू हुए नए आईटी नियमों (New IT Rules) का अनुपालन अब तक नहीं किया गया है और इसको लेकर सरकार की ओर से यह एक्शन लिया गया है. अब ट्विटर के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है और और पुलिस पूछताछ भी कर सकती है.
गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर के खिलाफ दर्ज किया केस?
उत्तरप्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से एक ट्विटर इंडिया भी है। इन सभी पर घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की वजह से यह ऐक्शन लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग मुस्लिम को पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई। गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, ट्विटर ने वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया। पुलिस के मुताबिक इस मामले की सच्चाई कुछ और है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। लेकिन ट्विटर ने इस वीडियो को मैन्युप्युलेटेड मीडिया का टैग नहीं दिया। पुलिस ने यह भी बताया है कि पीड़ित ने अपनी FIR में जय श्री राम के नारे लगवाने और दाढ़ी काटने की बात दर्ज नहीं कराई है।
