छतरपुर जिले में लुटेरे प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने न्यायालय के आदेश से की धोखाधड़ी

हाईकोर्ट के आदेश को बनाया मजाक !

(भोपाल) बुंदेलखंड में जन शिकायतों का अंबार लगा है, छतरपुर जिले के शिक्षा विभाग में हजारों शिकायतें पेंडिंग है । अधिकारियो से धोखाधड़ी के बाद अब कोर्ट के साथ भी अपनी नित्य नई कारगुजारियों के लिए मशहूर जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अब कोर्ट के साथ भी धोखाधड़ी की है। दर असल एक शिक्षक हरिंद्र कुमार मिश्रा के हाई कोर्ट के एक प्रकरण में अप्रैल 2019 में शर्मा द्वारा हरिन्द्र मिश्रा का अर्जित अवकाश के नगदीकरण को एक विधिवत आदेश द्वारा अमान्य कर प्रतिलिपि सब जगह भेजी थी, लगभग 27 महीने बाद गुपचुप तरीके से एक सजातीय समाजसेवी कम नेता के दबाव में 1जून 2021 को हरिन्द्र मिश्रा के अर्जित अवकाश का नगदीकरण का आदेश निकाल दिया l अब सवाल यह है कि कोर्ट के साथ मजाक हो रहा है क्या?कोर्ट ने यदि कोई आदेश/निर्देश दिया है तो उसका निराकरण एक स्पीकिंग आदेश द्वारा बहुत सोच समझ कर निकालना चाहिये अन्यथा कोर्ट की अवमानना होती है l परन्तु जिला पंचायत छतरपुर के मुख्य कार्य अधिकारी की जांच में स्वेच्छाचारिता व विभिन्न अनियमितताओं के दोषी पाये जाने पर भी कोई कार्यवाही न होने पर अब संतोष कुमार शर्मा को उच्च न्यायालय के आदेशों से खिलवाड़ करने में भी कोई संकोच नहीं हो रहा है ।

यहां यह दिलचस्प है कि हरेंद्र मिश्रा के प्रकरण में 2008 के आदेश का हवाला दिया गया है जबकि मिश्रा 2005 में ही रिटायर हो चुके थे । यहाँ यह उल्लेखनीय है कि इस नए आदेश से पूर्व से करीब एक दर्जन शिक्षक कलेक्टर महोदय के यहाँ जनसुनवाई में इसी अर्जित अवकाश के नगदीकरण करवाने में नाकामयाब रहे हैं l प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार शर्मा अलग अलग व्यक्तियों के लिए अलग अलग आदेश निकाल कर मनमानी करते आ रहे हैं तथा वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार झूठी जानकारी देते आ रहे हैं । उनके द्वारा लगातार हाईकोर्ट के आदेशों का मजाक उड़ाया जा रहा है ।

पंकज पाराशर छतरपुर

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