महाराष्ट्र सरकार ने नाना पटोले के फोन टैपिंग आरोपों की जांच के लिए पैनल का किया गठन

(मुंबई) महाराष्ट्र सरकार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले द्वारा लगाए गए फोन टैपिंग के आरोपों की जांच के लिए राज्य के डीजीपी संजय पांडेय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। राज्य के खुफिया विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) इस तीन सदस्यीय पैनल का हिस्सा होंगे।  इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य विधानमंडल के दो दिवसीय मानसून सत्र के दौरान गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने विधानसभा में बोलते हुए एक उच्च स्तरीय जांच स्थापित करने की घोषणा की थी। पटोले ने दावा किया है कि उनका फोन 2016-17 के दौरान टैप किया गया था जब वह संसद सदस्य (सांसद) थे और जब राज्य सरकार का नेतृत्व देवेंद्र फडणवीस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका फोन इस बहाने टैप किया गया कि यह ड्रग तस्कर अमजद खान का है।  सरकारी आदेश में कहा गया है कि समिति मामले की जांच करेगी और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट विधायिका को सौंपेगी। 

समिति के लिए नियम और संदर्भ 2015 और 2019 के बीच फोन टैपिंग के मामलों की जांच करना और यह पता लगाना है कि क्या कोई राजनीतिक मकसद था।  आदेश में कहा गया है, ‘अगर फोन पर निगरानी राजनीति से प्रेरित थी तो कार्रवाई की जाएगी।  जब पटोले ने सदन में इस मुद्दे को उठाया तो कई सदस्यों ने उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता का समर्थन किया। पटोले विदर्भ क्षेत्र के भंडारा जिले में सकोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पहले कांग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था।

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