मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन को उद्योग एवं विज्ञान की नगरी बनाने का किया ऐलान
(उज्जैन) उज्जैन जिले को फिर से उद्योगों की एवं विज्ञान की नगरी बनायेंगे। एक तरफ उद्योग और दूसरी तरफ विज्ञान के क्षेत्र में उज्जैन देश का मार्गदर्शन करेगा। आज उज्जैन में एक नये युग का प्रारम्भ हो रहा है। उज्जैन धर्म, आध्यात्मिक, विज्ञान, पुरातत्व, विद्वानों, शिप्रा की अदभुत नगरी है। दसों दिशाओं में उज्जैन का नक्षत्र चमकता रहेगा। उक्त बात प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने डोंगला में स्थित नवनिर्मित वेधशाला के ऑडिटोरियम के ई-लोकार्पण अवसर पर कही। कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माधव नगर चिकित्सालय एवं नागदा में स्थापित पांच ऑक्सीजन प्लांट का तथा चरक अस्पताल में 50 बच्चों के लिये बनाये गये चाईल्ड केयर वार्ड का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्माण किये जाने वाले आठ कार्यों का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री ने शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने वाले 45 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रमाण-पत्रों का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आजादी के पूर्व उज्जैन जिले में बड़ी-बड़ी कपड़ा मिलें थी। हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ था, लेकिन किसी कारणवश यह मिलें बन्द करना पड़ी। लेकिन आज पुन: उज्जैन जिले में उद्योगों की स्थापना का शुभारम्भ किया जा रहा है। वस्त्र निर्माण की इकाई छह माह में बनकर तैयार हो जायेगी। इस इण्डस्ट्री से लगभग चार हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। जल्द ही प्रतिभा सिंटेक्स इण्डस्ट्री का भूमि पूजन भी किया जायेगा। यहां भी चार हजार लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। नागदा में स्थित ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज में तीन हजार करोड़ से लेकर 11 हजार करोड़ रुपये तक का इन्वेस्ट होना है। छह अन्य औद्योगिक इकाईयां एक हजार 700 करोड़ की लागत से स्थापित की जायेगी और इस तरह पुन: उज्जैन को उद्योगों की नगरी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खगोल विज्ञान के क्षेत्र में डोंगला में स्थापित वेधशाला देश का मार्गदर्शन करेगी और इसका लाभ जनता को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन जिला धर्म एवं आध्यात्म की नगरी है। सिंहस्थ के दौरान यहां अनेक निर्माण कार्य किये गये थे। निर्माण कार्यों का सिलसिला अभी भी जारी है।
