ब्रेकिंग न्यूज़ : आरपीकेपी इंडिया न्यूज़ के एक क्लिक में पढ़ें 07 सितंबर, मंगलवार की अहम खबरें

पापा..नहीं लाना पीओपी के गणेशामिट्टी प्रतिमा से मनाएंगे उत्सव

इको फ्रेंडली गणपति घरों में तैयार कर बच्चे दे रहे पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कटनी  शहर की पुरानी बस्ती की रहवासी अपूर्वा ताम्रकार इन दिनों घर में मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बने गनेशा की प्रतिमा को सजाने में जुटी हैं। पिछले दो साल से वे अपने हाथों से अपने इको फ्रेंडली गनेशा को तैयार करती हैं और घर में उनकी ही स्थापना कर उत्सव मनाया जाता है। एक अपूर्वा ही नहीं बल्कि शहर में ऐसे बहुत से बच्चे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण को समझकर पीओपी से बनी प्रतिमाओं को उत्सव के लिए अपने घरों में लाने अपने माता-पिता को मना कर चुके हैं।

            चतुर्थी से लेकर अनंत चतुदर्शी तक चलने वाले पर्व को लेकर बच्चों में खासा उत्साह होता है। इस बार 10 सितंबर से लेकर 9 सितंबर तक गणेशोत्सव पर्व मनाया जाना है। उत्सव की इस परंपरा में अब पर्यावरण का संरक्षण भी जुड़ गया है। पीओपी से तैयार प्रतिमाओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए शहर में भी इको फ्रेंडली प्रतिमाओं को स्थापित करने वालों की संख्या बढ़ी है। बाजार में भी गणेशजी की सुंदर-सुंदर प्रतिमाओं की दुकानंे भी सज चुकी हैं, बावजूद इसके पर्यावरण और जल संरक्षण को देखते हुए इको फ्रेंडली गणेश का चलन भी दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। खास तौर पर युवा और बच्चे इको फ्रेंडली मूर्ति के प्रति जागरूक दिखाई दे रहे हैं। इसके लिए बच्चे अपनी कला एवं मेहनत से अपने घरों में ही विशुद्ध मिट्टी की गणेश प्रतिमा को रूप दे रहे हैं।

अपने गणेशा को सजाने संवारने में जुटी अपूर्वा

            शेर चौक पुरानी बस्ती निवासी अपूर्वा ताम्रकार पर्यावरण व जल संरक्षण को लेकर जागरूक हैं। वे पिछले दो वर्ष से घर में ही मिट्टी से अपने हाथों से गणेश प्रतिमा का निर्माण करती हैं। इस वर्ष भी प्रतिमा स्थापना को लेकर उन्होंने मिट्टी के आकर्षक गणपति तैयार किए हैं और उनको सजाने संवारने के साथ अंतिम रूप देने में जुटी हैं। अपूर्वा का कहना है कि जिस तरह से जल व पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, उसको देखते हुए मेरे घर अब तो हर साल इको फ्रेंडली गणेशा ही आएंगे।

अयूर व अर्निका भी दे रहे संरक्षण का संदेश

            अपूर्वा के चचेरे भाई बहन अयूर व अर्निका ताम्रकार भी पर्यावरण व जल संरक्षण को लेकर जागरूक हैं। दोनों भाई बहन भी अपने घर में मिट्टी की गणेश प्रतिमा की ही स्थापना कर उत्सव मनाएंगे। दोनों गणेशोत्सव में अपने घर इको फ्रेंडली गणेशा की स्थापना करने प्रतिमा निर्माण करने में जुटे हैं। अयूर व अर्निका का कहना है कि जहां प्लास्टर आफ पेरिस और रासायनिक रंगों से निर्मित मूर्तियों से पर्यावरण को नुकसान एवं पानी दूषित हो रहा है तो वही विशुद्ध मिट्टी व वाटर कलर की ईको फ्रेंडली मूर्तियों के चलन से पर्यावरण भी सुरक्षित रह सकेगा।

पानी में घुले रासायनिक रंगों से बीमारियों का खतरा

            क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर लोगों को जागरूक करने में जुटा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एसपी झा का कहना है कि पीओपी से निर्मित प्रतिमाओं में रासायनिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। नदी, तालाबों में विर्सजन के बाद वे रासायनिक रंग पानी में घुलते हैं। जिससे जलीय जीवों, जल को नुकसान होता ही है, उसका उपयोग करने से आमजन का भी लीवर, किडनी के रोगों से ग्रसित होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर एनजीटी के नियमों व केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों को लेकर मूर्तिकारों को भी जागरूक किया गया है।

इसका  रखें ध्यान तो नहीं होगा नुकसान

– मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करें, जिनकी सजावट प्राकृतिक रंगों से की गई हो।

– मिट्टी के अलावा घरों में मौजूद अन्य सामग्री से भी गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर पर्यावरण की सुरक्षा करें।

– नदी, तालाबों में प्रतिमाओं का विर्सजन न करें, बनाए गए कुंडों में ही करें विर्सजन।

– छोटी प्रतिमाएं स्थापित करें ताकि विसर्जन के बाद जल स़्त्रोत दूषित न हों।

उज्जवला योजना में हितग्राहियों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिलाने शिविरों का आयोजन

15 सितंबर तक पूरी कराई जाएगी आवश्यक कार्रवाई

ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को निर्धारित केन्द्रों व स्थलों में लगेंगे शिविर

कटनी  शासन द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना 2.0 को लेकर पात्र हितग्राहियों को लाभ देने जिले भर में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 15 सितंबर से पूर्व कार्रवाई पूर्ण की जानी है और इसको लेकर शिविरों में उज्जवला योजना की महिला हितग्राहियों के आवश्यक दस्तावेज जिले भर में गैस एजेंसियों के सहयोग से शिविर लगाकर आवेदन जमा कराए जा रहे हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र में गैस एजेंसियों के माध्यम से सातों दिन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि कटनी गैस कटनी एजेंसी द्वारा नगर निगम उप कार्यालय जोन 04 माधवनगर व कलेक्ट्रेट परिसर में, पुरूषोत्तम गैस एजेंसी नई बस्ती द्वारा नगर निगम उप कार्यालय जोन 03 दुर्गा चौक खिरहनी व शासकीय उचित मूल्य दुकान रफी अहमद किदवई वार्ड, गुप्ता गैस एजेंसी बस स्टैंड द्वारा नगर निगम आडिटोरियम, कृषि उपज मंडी प्रांगण में, कटनी इंडेन चांडक चौक द्वारा नगर पालिक निगम कार्यालय, एनकेजे रेलवे हास्पिटल, उषा गैस एजेंसी द्वारा नगर निगम जोन आफिस 01 टीसी बजान स्कूल व पुरानी कचहरी, अशोक गैस एजेंसी बरगवां द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान हाउसिंग बोर्ड कालोनी में प्रतिदिन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उज्जवला योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की श्रेणी में एसईसीसी 2011 की सूची में शामिल महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति गृहस्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, अन्त्योदय अन्न योजना, वनवासी, अति पिछड़ा वर्ग, चाय एवं पूर्व चाय बागान जनजातियां, द्वीप व नदी द्वीप में निवासरत को भी शामिल किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को यहां लगेंगे शिविर

            ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 8 सितंबर को ढीमरखेड़ा विकासखंड के मुरवारी में जय मां कंकाली एजेंसी, देवरी मंगेला गांव में मां त्रिपुर सुंदरी गैस एजेंसी, गोपालपुर में सिलौंड़ी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी द्वारा शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहीं विकासखंड बहोरीबंद में 8 सितंबर को मझगवां में समर्थ सेवा गैस एजेंसी, कुआं में सत्य साईं एजेंसी और तेवरी में शुभ भारत ग्रामीण वितरक द्वारा शिविर का आयोजन किया जाएगा। विकासखंड रीठी में बुधवार को थनौरा में अनुज भारत गैस ग्रामीण वितरक, कठौतिया में इंद्र भारत गैस एजेंसी, बड़गांव में गोदाना इंडेन गैस एजेंसी द्वारा शिविर आयोजित किया जाएगा। विकासखंड बड़वारा के कुठिया महगवां गांव में अपूर्वा गैस एजेंसी बरही, बम्होरी में शांति गैस एजेंसी खितौली, बरछेका में चंद्रकांता गैस एजेंसी मझगवां, पनसोखर में विलायतकला इंडेन ग्रामीण वितरक विलायतकला, लुहरवारा गांव में अमिता एचपी गैस ग्रामीण वितरक छिंदहाई पिपरिया द्वारा शिविर का आयोजन किया जाएगा।

कोविड-19 से प्रभावित बालकों की सहायता करने हेतु औद्योगिक संस्थानों एवं स्वयंसेवी संगठनों की बैठ़क का आयोजन

कटनी  जिला प्रशासन, जिला कटनी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कटनी द्वारा कोविड-19 अवधि में अपने अभिभावकों को खोने वाले बालकों की सहायता हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे है। वर्तमान में जिलें में समेकित बाल संरक्षण योजनान्तंर्गत ऐसे 42 बालकों, मुख्यामंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना अंतर्गत 09 बालकों एवं पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजनान्तोर्गत 01 बालक को लाभान्वित किया जा रहा है। शासकीय प्रयासों के अतिरिक्त औद्योगिक संस्थाअनों एवं स्वंयंसेवी संगठनों के माध्यम से कोविड-19 अवधि में अपने माता-पिता को खोने वाले अधिकतम बालकों की सहायता करने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में बैठ़क का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया।

            कलेक्टर श्री मिश्रा बैठ़क में उपस्थित औदयोगिक संस्थानों एवं स्वेयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुये कहा कि कोविड-19 के कारण अपने अभिभावकों को खोने वाले बालकों की सहायता हेतु शासन द्वारा उपलब्धब शासकीय संसाधनों से अधिकतम प्रयास किये गये है। जिलें के प्रथम चरण के सर्वे में ऐसे 60 बालकों को चिन्हांाकित किया गया है, जिनके परिवारों को उन बच्चों की शिक्षा एवं विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये अनुपूरक सहायता या वित्तीय सहायता की आवश्यरकता है। इस दौरान द्वारा औदयोगिक संस्थानों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को ऐसे बच्चों की सहायता के लिये आगे आने के लिये प्रोत्साहित किया।

            बैठ़क में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह ने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजनान्तंर्गत बालकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से उनकी चिकित्साा, पोषण, शिक्षा एवं विकास संबंधी आवश्यनकताओं की पूर्ति के लिये उनके परिवारों को अनुपूरक सहायता या वित्तीेय सहायता देने का प्रावधान है। स्पॉन्सरशिप अंतर्गत प्रत्येक आवश्यकता वाले बालक को न्यूनतम 01 वर्ष हेतु प्रतिमाह रूपये 2000/- प्रदाय किये जाते है। निजि स्पॉन्सररशिप अंतर्गत औद्योगिक संस्थान एवं स्वायंसेवी संगठन जरूरतमंद बालकों की सहायता हेतु राशि अटल बाल मित्र के खाते में जमा करा सकते है। श्री सिंह ने बताया कि कलेक्टर द्वारा स्वयं एक बच्चे को इस निजि स्पॉन्सरशिप योजना अंतर्गत 01 वर्ष तक सहायता करने का दायित्व लिया गया है। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास वनश्री कुर्वेति द्वारा भी 01-01 बच्चें को निजि स्पॉन्सरशिप अंतर्गत सहायता करने का उत्तरदायित्व लिया गया।

            बैठ़क में ए0सी0सी0 सीमेंट, कैमोर, म0प्र0 रिफेक्ट्रीशज ऐसोसियेशन, कटनी, लमतरा उद्योग ऐसोशियेसन, कटनी, माधवनगर उद्योग संघ, कटनी, राईस मिल ऐसोशियेशन, कटनी, मार्बल ऐसोसियेशन, कटनी, मेसर्स जे0के0 सीमेन्ट, कैमोर एवं मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेन्ट, कटनी के प्रतिनिधि, अजय श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जिला व्यामपार एवं उद्योग केन्द्र, जिला कटनी व मनीष तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी उपस्थित रहे।

!!.मध्य प्रदेश का ई टेंडर महाघोटाले की जांच पर ब्रेक: 3 साल में 9 केस पर एफआईआर.!!

(भोपाल) मध्य प्रदेश में सबसे बड़े घोटाले पर पर्दा डाल दिया गया l व्यापम से भी बड़ा ई टेंडर घोटाला है लेकिन राजनेताओं नौकरशाहों की गठजोड़ के कारण पिछले 3 साल में सिर्फ 9 टेंडल्स में ही एफ आई आर दर्ज हो सकी l जबकि जांच के दौरान 803 टेंडल्स में टिपरिंग के सबूत मिले l इतना ही नहीं 2014 से 2017 के बीच हजारों टेंडल्स की में गड़बड़ी के संकेत मिले थे l इसके बावजूद इस अरबों खरबों के महाघोटाले में आगे एक भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई l मध्य प्रदेश का बहुचर्चित ई टेंडर अब तक का सबसे बड़ा घोटाला साबित हुआ है l

थाना प्रभारी अरविंद जैन की जाबाज टीम कर रही है लगातार अपराधों का पर्दाफाश, मिल चुका है कई बार पुरस्कार

कैमोर पुलिस ने पांच वर्ष से फरार आरोपी को मुंबई से किया गिरफ्तार

(कैमोर) पुलिस अधीक्षक , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटनी मनोज केडिया एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस विजयराघवगढ़ श्रीमती शिखा सोनी के मार्गदर्शन में कैमोर पुलिस की टीम ने कई सालों से फरार चल रहे स्थाई गिरफ्तारी वारंटी गोवर्धन प्रसाद बर्मन पिता वीरू बर्मन उम्र करीब 40 साल निवासी ग्राम संगवारा तहसील विजयराघवगढ़ को मुंबई से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। माननीय न्यायालय अनिल कुमार, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालय कटनी एवं माननीय न्यायालय बी . आर. अहिरवार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजय राघवगढ़ ने भिन्न-भिन्न मामलों में गोवर्धन प्रसाद वर्मन का पांच वर्ष पूर्व स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। जो लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश की जा रही थी , टीआई कैमोर अरविंद जैन द्वारा एकत्र जानकारी के आधार पर उपनिरीक्षक आर. पी. रावत, कार्यवाहक प्रधानआरक्षक प्रेम शंकर पटेल, आरक्षक अनिल स्वर्णकार एवं महिला आरक्षक भावना तिवारी ने मुंबई में ठाणे में बालकुम्भनाका इलाके में कापुरवाबड़ा पुलिस स्टेशन अंतर्गत रुस्तम मिनरल्स कंपनी में काम कर रहे स्थाई गिरफ्तारी वारंटी गोवर्धन प्रसाद वर्मन को गिरफ्तार कर थाना कैमोर लाया गया। पांच वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक महोदय कटनी श्री मयंक अवस्थी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की  थी।

खरी – अखरी : बिजली संकट नहीं रुका तो शिवराजी सरकार का तड़ीपार होना तय

प्रमुख सचिव ऊर्जा उतरे सड़क पर – थूक से प्यास बुझाने

(कटनी) जिस बिजली संकट ने कांग्रेसी दिग्विजय सिंह सरकार को प्रदेश से तड़ीपार करते हुए भारतीय जनता पार्टी को सत्तासीन कराया था उसी बिजली संकट से 18 साल बाद एक बार फिर भाजपाई शिवराज सरकार की सांसें उखाड़ने लगी है। भले ही विधानसभा चुनाव को 2 साल के आसपास का समय बाकी हो मगर प्रदेश व्यापी बिजली संकट से आम आदमी 2003 से पहले का फ्लैशबैक देखने लगा है । शिवराज सरकार के लिए विपक्ष से तो कोई चुनौती दिखाई नहीं दे रही है । कारण जब प्रदेश में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही मुरदे से गई बीती है तो बाकी पार्टियां तो शैशवावस्था में ही हैं । शिवराज सरकार को बिजली संकट के लिए चुनौतियां अपनों से ही मिल रही है । कहीं विधायक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं तो कहीं सांसद प्रतिनिधि बिजली विभाग के कार्यालय के सामने धरना देने के लिए लंगोट घुमा रहे हैं जिसने शिवराज सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है । हाल ही में प्रमुख सचिव ऊर्जा की कुर्सी पर बैठाये गए संजय दुबे बिजली संकट की गंभीरता को समझते हुए शिवराज सरकार के संकटमोचन की भूमिका में फील्ड पर उतर चुके हैं । उमस भरी गर्मी में वातानुकूलित कमरे का सुख छोड़कर शहर दर शहर के गली कूचों की खाख छानते हुए बिजली चोरी पकड़ रहे हैं।

जहां तक बिजली चोरी का सवाल है तो जमीनी हकीकत यही है कि गरीब से ज्यादा अमीर, प्रभावशाली, सफेदपोश, बाहुबली, अफसर आदि माननीय, सम्माननीय बिजली की चोरी करते हैं । किसी बिजली अधिकारी ने, विजलेंस टीम ने कभी भी किसी मंत्री सन्तरी, सांसद, विधायक, पार्टी अध्यक्ष के घर, दुकान, प्रतिष्ठान पर, किसी कलेक्टर, एसपी के घर पर यहां तक कि अपने ही विभाग के किसी बड़े अधिकारी के घर की चेकिंग करने की हिम्मत नहीं जुटाई । जब भी चेकिंग की जाती है गरीब गुरबों आम आदमी के झोपड़ पट्टी, घर की । साहब का बिजली बिल सौ रुपैया झोपडी में रहने वाले का बिल हजार रुपैया । गलती से किसी प्रभावशाली का बिल ज्यादा आ गया तो चीफ इंजीनियर तक उसके बिल को कम करने के लिए सारे नियम कानून ताक पर रख देता है वहीं गरीब, आम आदमी बिजली दफ्तर के चक्कर पर चक्कर लगाता रहता है । मजाल है कोई उसकी सुन ले।

लाटसाहब भी बिजली चोरी पकड़ने निकले हैं तो उन्हीं बस्तियों में जहां गरीब गुरबे आम आदमी रहता है । यहां भी वही गरीब की लुगाई सारे जहान की भौजाई की तर्ज पर छापामारी । है न कमाल की बात थूक से प्यास बुझाने चले हैं पीएस । सरकार द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत पैदा किये गए कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंप कर बिजली संकट को दूर करने की घिनौनी साजिश रची जा रही है । यह सही है कि सोने की चिड़िया रहे ऊर्जा विभाग के सत्यानाश की नींव कांग्रेस सरकार ने रखी थी मगर भारतीय जनता पार्टी ने फीता काटने की लालसा में कांग्रेस सरकार द्वारा डाली गई नींव पर ताबड़तोड़ काम कर सत्यानाशी बहुमंजिला ईमारत खड़ी कर दी है ।ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण की खिलाफत करते हुए कुछ समय पहले ही देशव्यापी आंदोलन प्रदर्शन आदि किए गए थे । राज्य सरकारों ने अपनी फितरत के मुताबिक खिलाफत कर रहे संगठनों को आश्वासनों की चुसनी चुसा कर आंदोलन की हवा ही निकाल दी। बिजली के निजीकरण की खिलाफत कर रहे संगठनों के सामने घुटनाटेक होकर सरकार के जो मंत्री – मिनिस्टर बिजली के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है, का राग अलाप रहे थे वही अब अपनी असली औकात में आकर खुलेआम कहने लगे हैं कि धरना, प्रदर्शन, आंदोलन से बिजली क्षेत्र का निजीकरण रुकने वाला नहीं है । वैसे भी सरकार किसी भी पार्टी की हो थूककर चाटना उसकी जन्मजात आदत है । इतना तो तय है कि यदि शिवराज सरकार जल्द ही बिजली संकट से निजात नहीं पाती है तो उसकी हालत को दिग्विजयसिंह सरकार जैसी ही होने से कोई नहीं रोक पायेगा । भारतीय जनता पार्टी का भी तड़ीपार होना तय है ।

अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता
स्वतंत्र पत्रकार

 

 

 

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