दक्षिण कोरिया ने गूगल पर लगाया 17.68 करोड़ डॉलर का जुर्माना

(सियोल) दक्षिण कोरिया के एंटीट्रस्ट नियामक ने  घोषणा की है कि उसने टेक कंपनी गूगल पर 207.4 बिलियन वोन (17.68 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाने का निर्णय किया है। यह जुर्माना मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप बाजारों में अपने प्रभुत्व के कथित दुरुपयोग के लिए लगाया गया है। गूगल का आरोप है कि दक्षिण कोरिया ने इस बात को नजरअंदाज किया है कि कैसे उसकी साफ्टवेयर नीति हार्डवेयर भागीदारों और उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचा रही है। इस बीच, दक्षिण कोरिया ने संशोधित दूरसंचार कानून का प्रवर्तन शुरू कर दिया है।

नियामक का कहना है कि गूगल ने स्मार्टफोन निर्माताओं को “एंटी-फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट के लिए बाध्य करके प्रतिस्पर्धा में हेरफेर किया है। स्मार्टफोन निर्माताओं को ऐप स्टोर लाइसेंस और ओएस की शुरुआती पहुंच पर गूगल के साथ एएफए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा। दक्षिण कोरिया के निष्पक्ष कारोबार आयोग की अध्यक्ष जोह सुंग-वूक ने कहा कि गूगल अपने इलेक्ट्रॉनिक साझेदारों पर एंटी-फ्रैग्मेंटेशन समझौतों पर दस्तखत की बाध्यता डालकर 2011 से बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए बाधा बना हुआ था। इसने कंपनियों को स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच में गूगल के संशोधित ऑपरेटिंग सिस्टम डालने से रोक दिया। इसके चलते गूगल का मोबाइल सॉफ्टवेयर और एप बाजार में आसानी से दबदबा बन गया।

उल्लेखनीय़ है कि पिछले साल भारत की एंटीट्रस्ट बॉडी ने आरोपों की जांच का आदेश दिया कि गूगल अपने भुगतान ऐप को बढ़ावा देने के लिए अपनी बाजार की स्थिति का दुरुपयोग कर रहा था और साथ ही ऐप डेवलपर्स को अपने इन-ऐप भुगतान प्रणाली का उपयोग करने के लिए मजबूर कर रहा था।

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