बुंदेलखंड में महाराजा कॉलेज छतरपुर के बहाने कांग्रेसियों का ढोंग
समय रहते नहीं उठाई आवाज जनता जनार्दन को भ्रमित करने के लिए रच रहे नौटंकी
(छतरपुर) बुंदेलखंड में एक प्रसिद्ध कहावत है कि अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गई खेत इसी कहावत को चरितार्थ करने के लिए कांग्रेस के विधायकों ने जिले में बीड़ा उठा रखा है बीते दिनों उच्च शिक्षा मंत्रालय के द्वारा छतरपुर के महाराजा कॉलेज का विश्वविद्यालय में संविलियन कर दिया गया है यह प्रक्रिया लगभग पिछले 6 माह से जारी थी विधानसभा के पटल पर भी जिस की अधिसूचना जारी की जाती है इसके बावजूद भी जिम्मेदार विपक्ष के नेताओं ने कोई विरोध नहीं किया संविलियन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद अब जनता को भ्रमित करने के लिए कांग्रेस के नेता विरोध करने पर उतारू है जनता समझ रही है कि यह सब नौटंकी है सच तो यह है कि जिले मैं विपक्ष की महज औपचारिकता ही निभाई जा रही है सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर बेहद गड़बड़ी निकल कर सामने आ रही है, मीडिया लगातार भ्रष्टाचार को उजागर करने का बीड़ा उठाए है परंतु विपक्ष सत्ता के साथ सांठगांठ करके चुप्पी साधे हुए स्थानीय मुद्दों से विपक्ष का कोई सरोकार नहीं रह गया है l अब सिर्फ वह कोरी औपचारिकता निभाने के लिए भी नाटक कर रहे हैं l
रिपोर्ट : पंकज पाराशर छतरपुर
