गूगल, फेसबुक और ट्विटर से ब्रिटिश सांसदों से सवाल-जवाब, इंटरनेट मीडिया के लिए सख्त नियम बनाने की कवायद

(लंदन) ब्रिटेन में गुरुवार को सांसदों ने गूगल, फेसबुक, ट्विटर और टिकटाक से उनके सुरक्षा मानदंडों के बारे में जानकारी ली। पूछा-तकनीक क्षेत्र की ये दिग्गज कंपनियां ब्रिटेन में भी यूरोप जैसे ही आनलाइन सुरक्षा उपाय कर रही हैं या नहीं। संसदीय समिति के समक्ष इंटरनेट मीडिया से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पेश होकर सवालों के जवाब दिए। समिति आनलाइन मीडिया के लिए सुरक्षा मानदंडों से संबंधित कानून बनाने के लिए विधेयक का मसौदा तैयार करने का कार्य कर रही है।

अटलांटिक महासागर के दोनों ओर के देशों की सरकारें इंटरनेट मीडिया उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए नियम कड़े कर रही हैं। वे चाहती हैं कि इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। क्योंकि इंटरनेट मीडिया कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। उन्हें विचारधारा के स्तर पर प्रभावित कर गलत दिशा में मोड़ा जा रहा है। उनकी सोच दूषित बनाई जा रही है। मसौदे में असरदार नियम प्रस्तावित करने के लिए ब्रिटिश सांसद शोधकर्ताओं, पत्रकारों, तकनीक के जानकारों और अन्य विशेषज्ञों से भी विचार-विमर्श करेंगे। इससे संसद को प्रभावशाली कानून बनाने में मदद मिलेगी।

पूछताछ खान-पान, यौन व्यवहार और नशीले पदार्थो के इस्तेमाल से संबंधित

संयोग से ब्रिटिश सांसदों की समिति यह सुनवाई उसी समय कर रही है जिस समय अमेरिकी सीनेट की संसदीय समिति यूट्यूब, टिकटाक और स्नैपचैट से उनके कंटेंट को लेकर पूछताछ कर रही है। अमेरिकी सांसदों की पूछताछ नाबालिगों के लिए सुरक्षा उपायों से संबंधित है। यह पूछताछ खान-पान, यौन व्यवहार और नशीले पदार्थो के इस्तेमाल से संबंधित है।

कंपनी सिस्टम घृणास्पद सामग्री की रोकथाम के लिए कुछ खास नहीं कर रहा

फेसबुक की ह्विसल ब्लोअर फ्रांसेज हौजेन ने इसी सप्ताह ब्रिटिश संसदीय समिति के समक्ष पेश होकर कहा था कि कंपनी सिस्टम घृणास्पद सामग्री की रोकथाम के लिए कुछ खास नहीं कर रहा है। आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के जरिये ऐसे कदम उठाए जाएं कि कंपनियां अपने कंटेट को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रखते हुए कार्य कर सकें।

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