ब्रेकिंग न्यूज़ : बिजली से चलने वाली पहली यात्री ट्रेन बनी ब्रह्मपुत्र मेल

(नई दिल्ली) पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) में पूरी तरह से बिजली से चलने वाली पहली यात्री ट्रेन ब्रह्मपुत्र मेल गुरुवार को दिल्ली से कामाख्या स्टेशन पर पहुंची। रेलवे विद्युतीकरण कार्यों के पूरा होने और कामाख्या तक खंड के चालू होने के साथ रेलगाड़ियां अब बिना इंजन बदले सीधे कामाख्या तक पहुंच सकेंगी। रेल अधिकारियों के अनुसार, रेलगाड़ी संख्या 05956 स्पेशल दिल्ली-कामाख्या (ब्रह्मपुत्र) मेल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से रवाना होकर आज दोपहर बाद डेढ़ बजे गुवाहाटी के कामाख्या स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन ने बिजली चालित ट्रैक पर 2000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। इसी तरह वापसी में ट्रेन संख्या 05955 स्पेशल कामाख्या-दिल्ली (ब्रह्मपुत्र) मेल, कामाख्या स्टेशन से आज दोपहर बाद ढाई बजे बिजली के ट्रैक पर चलकर दिल्ली के लिए रवाना हुई।

एक दिन पहले बिजली से चलने वाली पार्सल ट्रेन के सफल संचालन के बाद यह ट्रेन गुवाहाटी के कामाख्या स्टेशन तक बिजली से चलने वाली पहली मेल ट्रेन बन गई थी। इस प्रकार, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में एक नए युग की शुरुआत हुई है। इससे पहले 21 अक्टूबर को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कामाख्या स्टेशन तक विद्युत कर्षण पर अपनी पहली पार्सल ट्रेन चलाई और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण हासिल किया। कामाख्या स्टेशन तक रेलवे के विद्युतीकरण कार्यों को पूरा करने और सीआरएस पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र द्वारा प्रदान किए गए प्राधिकरण के सफल होने के बाद 7 से 9 अक्टूबर तक निरीक्षण के बाद न्यू कूचबिहार से कामाख्या खंड को बिजली से चलने वाली ट्रेन के संचालन के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत कुल 760 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि अभी तक भारतीय रेलवे में कुल 46,711 मार्ग किलोमीटर का विद्युतीकरण हो चुका है जो कुल रुट का 72.2 प्रतिशत है। पिछले तीन सालों में भारतीय रेलवे में 15,669 मार्ग किमी का विद्युतीकरण हुआ है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें