मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आरोप , छत्तीसगढ़ के हक का पैसा नहीं दे रही केंद्र सरकार
(रायपुर) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि केंद्र की मोदी सरकार राज्य के हक का पैसा नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षाें में लगभग 17 हजार करोड़ केंद्र से नहीं मिले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना को बंद नहीं किया गया है। केंद्र पैसा दे तो हम तुरंत काम शुरू कर देंगे। गरीबों के मकान बनने चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित शिखर सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। सम्मेलन की शुरुआत में दो मिनट का मौन रखकर देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत और अन्य शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसानों द्वारा धान नापने की शुरुआत राम नाम से की जाती है। हमने राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करने की शुरुआत की है। देश के एकमात्र कौशल्या माता मंदिर का सौंदर्यीकरण किया है। हम गाय के नाम पर वोट नहीं मांगते बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन के कार्य कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि हमारे पास सरप्लस पैडी है जिससे एथेनॉल बनाने की अनुमति केंद्र से मांगी गई है, लेकिन अब तक इसकी अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से उसना चावल लेने के केंद्र के फैसले से छत्तीसगढ़ के लगभग 500 राइस मिलों के मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। मिलें बंद हो गई हैं। बघेल ने कहा कि अब पत्रकार यहां नक्सलियों से सम्बंधित प्रश्न नहीं करते। हमने आदिवासी अंचल में रोजगार दिया, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं में वृद्धि की है। गोधन न्याय योजना, गोबर खरीद कर रहे, आठ लाख टन वर्मी कंपोस्ट समूह की महिलाओं ने बनाया है। अब गोबर से बिजली बना रहे, पेन्ट बना रहे, गांव को स्वावलंबी बनाना है।
