मनरेगा योजना से ढीमरखेड़ा विकासखंड में महिलाओं को 300 मुर्गी शेड बनाने का मिलेगा काम

मनरेगा योजना से ढीमरखेड़ा विकासखंड के गांवों में कराया जाएगा निर्माण

(कटनी)  प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। शासन की योजनाओं के तहत जिले में भी महिलाओं को स्व रोजगार से जोड़ने काम किया जा रहा है। इसी दिशा में ढीमरखेड़ा क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने मनरेगा के तहत आजीविका मिशन के सहयोग से मुर्गी शेड बनाने का काम किया जा रहा है।

            कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशानुसार व जिला पंचायत सीईओ जगदीश चंद्र गोमे के मार्गदर्शन में स्व सहायता समूहों क सदस्यों के आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से पोल्ट्री शेड निर्माण कराए जा रहा है। इसको लेकर आदिवासी बाहुल्य ढीमरखेड़ा विकासखंड को पायलेट के रूप में चुना गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व स्व रोजगार से जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 15 ग्रामों में अभियान चलाकर 424 सदस्यों का चयन मुर्गी शेडों के निर्माण के लिए किया गया है। द्वितीय चरण में ग्राम सगौना, आमाझाल, कोठी, झिन्ना पिपरिया, मूडीखेड़ा, बिजौरी, जिर्री, छहर आदि गांवों में 300 शेडोें का निर्माण कराया जाएगा।

जिला पंचायत सीईओ श्री गोमे ने बताया कि प्रथम चरण में विकासखंड ढीमरखेड़ा के 9 गांव के 158 सदस्यों के यहां मनरेगा योजना से पोल्ट्री शेडों का निर्माण कराया गया है। जिसमें स्व सहायता समूहों से जुड़े 158 सदस्य शामिल हैं और उनके द्वारा शेड निर्माण के बाद मुर्गी पालन का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके माध्यम से प्रत्येक सदस्य को हर माह 5 से 7 हजार रूपये की आय भी प्राप्त हो रही है।

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