नौकरी छोड़कर शुरू की गुलाब की खेती, राजस्थान, इंदौर तक महक रही खुशबू

खजुरी बड़खेरा के कृषक ने उद्यानिकी विभाग की योजना से पॉली हाउस बनवाकर कमा रहे लाभ

(कटनी)  राज्य सरकार आज युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिये हर संभव मदद कर रही है। इसके अलावा खेती किसानी से जुड़े कृषकों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है और वे इनका लाभ लेकर आर्थिक रुप से सक्षम भी बन रहे हैं। इन्ही कृषकों में शामिल हैं कटनी निवासी संतोष शुक्ला। जिन्होने उद्यानिकी विभाग द्वारा फूलों की खेती के लिये पॉली हाउस का निर्माण कराया और उसमें टच गुलाब की खेती प्रारंभ की। इस कार्य को उन्होने युवाओं के लिये बेहतर व्यवसाय बताते हुये कहा है कि आगमी समय में इस क्षेत्र में बहुत संभावनायें हैं। आज श्री शुक्ला अपने पॉली हाउस से लगभ 2 से 2 लाख 50 हजार रुपये की मासिक आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।

             उद्यानिकी कृषक श्री शुक्ला बताते हैं कि एमबीए करने के बाद एसीसी फैक्ट्ररी में अच्छे ओहदे में थे। जिल के स्लीमनाबाद के पास नर्मदा नहर का काम प्रारंभ हुआ, तो उन्होंने एसीसी की जॉब छोड़कर टनल निर्माण एजेंसी के साथ काम करना प्रारंभ कर दिया। अचानक खेती की ओर रूझान बढ़ा तो खजुरी बड़खेरा में अपनी जमीन पर खेती करना शुरू कर दिया। इस बीच उनका उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क हुआ और भूमि पर पॉली हाउस का निर्माण करते हुए कृषक ने गुलाब के फूलों की खेती प्रारंभ कर दी। वर्तमान में उनके गुलाब की महक न सिर्फ कटनी बल्कि इंदौर व राजस्थान की मंडी तक फैली हुई है। गुलाब की खेती से शासन की योजना का लाभ लेते हुए कृषक अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।

            कृषक संतोष शुक्ला की पत्नी कामना शुक्ला के नाम पर उद्यानिकी विभाग ने दो वर्ष पूर्व पॉली हाउस निर्माण का प्रकरण विभाग की योजना के तहत स्वीकृत किया था। जिसमें उन्होंने खजुरी गांव में अपने खेत में एक एकड़ भूमि पर पॉली हाउस का निर्माण 33 लाख 76 हजार रूपये की लागत से कराया। प्रदेश सरकार कृषकों को योजनाओं का लाभ देते हुए आधुनिक खेती से जोड़ने का लगातार प्रयास कर रही है और इसी के तहत उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ देते हुए कृषक को पॉली हाउस निर्माण में शासन की ओर से 16 लाख 88 हजार रूपये का अनुदान प्रदान किया गया।

जल्द ही कराना चाहते हैं एक और पॉली हाउस का निर्माण

            कृषक शुक्ला ने बताया उनके पॉली हाउस में उगने वाले गुलाब को वे कटनी मंडी के साथ ही इंदौर व राजस्थान भेजते हैं, जहां पर उनके गुलाब की अच्छी खासी डिमांड है। कृषक का कहना है कि उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेते हुए उन्होंने पॉली हाउस बनवाकर जो खेती प्रारंभ की थी, उसमें मुनाफा को देखते हुए वे जल्द ही एक ओर पॉली हाउस का निर्माण कराना चाह रहे हैं ताकि उनका मुनाफा और बढ़ सके।

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