लक्ष्मी बनी मेट, अब बेटियों को बेहतर तरीके से दिला पा रहीं शिक्षा, परिवार में आई खुशहाली
जनपद पंचायत रीठी की ग्राम पंचायत कुम्हरवारा निवासी लक्ष्मी ने मनरेगा में मेट के रूप में किया अच्छा काम, मिली सराहना
(कटनी) – सरकार की मनरेगा योजना से जहां ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है तो लोग अपने परिवार का भी बेहतर ढंग से भरण पोषण कर पा रहा हैं। दूसरी ओर योजना में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए मेट के कार्य में महिलाओं को भी लगाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसे ही जिले की जनपद पंचायत रीठी की ग्राम पंचायत कुम्हरवारा की महिला लक्ष्मी गड़ारी ने मेट के रूप में बेहतर काम किया तो आज वह अपने पति के साथ परिवार का कुशलतापूर्वक भरण पोषण भी कर पा रही हैं और अपनी बेटियों को भी अच्छी शिक्षा दे पा रही हैं।
लक्ष्मी स्व सहायता समूह की सदस्य है। 18 अगस्त 2021 को जनपद पंचायत रीठी में स्व सहायता समूह की मासिक बैठक के दौरान सीईओ जनपद ज्ञानेन्द्र कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि महिलाओं को मनरेगा योजना में कुशल श्रमिक के रूप में काम करने की योजना शासन से प्रस्तावित हुई है। जिसमें शीघ्र ही महिला मेटों का चयन किया जाएगा। सीईओ जनपद की सूचना के अनुसार लक्ष्मी का मेट के रूप में सितंबर 2021 में चयन हुआ।
श्रमिकों का कार्यस्थल पर ही कराया शत प्रतिशत टीकाकरण
मनरेगा योजना के अंतर्गत मेट का लक्ष्मी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और उसके बाद मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम में पंजीयन के बाद गांव की महिलाओं को मनरेगा योजना में कार्य करने के लिए सहभागिता बढ़ाने का भी उल्लेखनीय कार्य किया। लक्ष्मी ने ग्राम पंचायत में प्रारंभ होने वाले सभी कार्यों पर सूचनाफलक लगाने, मनरेगा श्रमिकों को कार्य स्थल पर ही शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण कराने का भी कार्य किया, जिसके लिए लक्ष्मी की सराहना की गई।
मनरेगा महिलाओं के विकास की जीवनदायिनी योजना
लक्ष्मी से कार्यस्थल पर मेट चयन के बाद जीवन में आने वाले परिवर्तन को लेकर मनरेगा योजना प्रभारी डॉ. अजीत सिंह ने चर्चा की। चर्चा में लक्ष्मी ने बताया कि वह उसके पति पूर्व में सक्रिय श्रमिक के रूप में मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य करते थे। महिला मेट के रूप में उसका चयन होने के बाद वह अभी तक 6700 रूपये भुगतान पा चुकी है और लगभग 11 सप्ताह के भुगतान की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। जिससे अब वह अपनी दोनों बेटियों की शिक्षा दीक्षा और परिवार का भरण पोषण बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। लक्ष्मी का कहना है कि मनरेगा योजना महिलाओं के विकास के लिए जीवनदायिनी योजना है।

