मध्यप्रदेश की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी महंत सीताराम का पुलिस ने अदालत तक निकाला पैदल मार्च
(रीवा) मध्यप्रदेश के रीवा में दो दिन पहले एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक महंत सीताराम और उसके साथी विनोद पांडेय को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद आज अदालत में पेश किया। महंत और उसके साथी को हथकड़ी में थाने से अदालत तक पैदल मार्च कर ले जाया गया। अदालत ने उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है।
रीवा के सर्किट हाउस में नाबालिक के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले महंत सीताराम और उसके एक साथी को पुलिस ने कड़ी सुरछा के बीच न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने दोनो आरोपियों का सिविल लाइन थाने से पैदल मार्च निकालते हुए उन्हें न्यायालय ले गई जहा पर वकीलों में भी बाबा के खिलाफ जमकर नाराजगी दिखी और बाबा को फांसी की सजा दिलाने के नारे लगाए।
सीएम के निर्देश के घंटे भर में गिरफ्तारी
रीवा के सर्किट हाउस के कमरा नंबर चार में सतना की एक नाबालिक युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाला महंत और इस घटना में उसके सहयोगी फरार हो गए थे। इस मामले में शामिल एक आरोपी हिस्ट्रीशीटर विनोद पांडेय को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। रीवा के एसएएफ ग्राउंड में आए प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के सख्त तेवर के बाद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश के करीब एक घंटे बाद आरोपी महंत को सिंगरौली के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया था। दुष्कर्म का आरोपी सीताराम अपना हुलिया बदलकर भागने की फिराक में था और बाल दाढ़ी कटवाने एक नाई की दुकान में गया था आरोपी के वहा होने की खबर के बाद पुलिस वहा पहुंची और उसको भागने से पहले ही पकड़ लिया देर रात आरोपी को रीवा ले आया गया।

सिविल लाइन थाने से अदालत तक पैदल मार्च
गुरुवार को दुष्कर्म के आरोपी महंत और उसके साथी को मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया था फिर पुलिस थाने ले आई। सिविल लाइन थाने से पुलिस ने दोनो आरोपियों का पैदल मार्च कराकर रीवा न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय पहुंचते ही महंत के खिलाफ वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा और बाबा को फांसी देने के नारे लगने लगे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भी न्यायालय पहुंच गए दोनो आरोपियों को न्यायालय से पुलिस रिमांड मांगा जिससे पुलिस रिमांड मिलने के बाद पुलिस इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों के साथ ही बाबा के सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर सके। साथ ही बाबा की संपत्ति के बारे में पता लगाएगी जिससे सीएम के निर्देश के बाद बाबा की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर उसको नस्तनाबूद कर दिया जाए।
