राजस्व अधिकारी राजस्व न्यायालय द्वारा पारित बेदखली आदेष का तत्काल पालन कराएं – कलेक्टर
(राजगढ़़) राजस्व अधिकारी जनसुनवाई में अवैध कब्जे या जबरन कब्जे की षिकायतों से संबंधित आवेदनों को गंभीरता से लें। जमीन किसी की और कब्जा किसी और व्यक्ति का हो, कि षिकायतों पर कार्रवाई शीघ्रता से हो। यह निर्देष कलेक्टर श्री हर्ष दीक्षित द्वारा गत दिवस देर रात तक आयोजित समय-सीमा बैठक में समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने निर्देषित किया कि सीमाकंन, प्राकृतिक आपदा में राहत, भू-अभिलेख, खसरा-खतौनी और संबल से संबंधित आवेदनों अथवा प्रकरणों के निराकरण में अनावष्यक विलंब नही किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देषित किया कि राजस्व न्यायालयों द्वारा पारित बेदखली के आदेष का पालन तत्काल कराएं। पारित आदेष का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखे, यह राजस्व अधिकारी सुनिष्चित करें। सी.एम. हेल्पलाईन के आवेदनों की समीक्षा के दौरान उन्होंने 50 दिवसों की लंबित षिकायतें शीघ्र निराकृत कराने, आवेदकों से व्यक्तिगत सम्पर्क कर निराकृत कराने तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी, वित्त तथा उप संचालक कृषि विभाग को सी.एम. हेल्प लाईन के लंबित आवेदनों के निराकरण की गति बढ़ाने तथा संतुष्टि पूर्ण निराकरण तीन दिवस में सुनिष्चित करने निर्देषित किया। इस मौके पर उन्होंने जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों को उनके विभाग में लंबित सी.एम. हेल्पलाईन के आवेदनों का आवेदकों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण 80 प्रतिषत से अधिक हो, सुनिष्चित करने सख्त निर्देष दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों में लगे आउट सोर्स के कर्मचारियों के हित में विकास खण्डवार केम्प लगाकर टर्म इंषोरेन्ष कराने की समझाईष दी। उन्होंने कहा कि यह शासकीय कर्मचारी नही होते है। विपत्ती के समय ऐसे कर्मचारियों की वित्तीय मदद करना संभव नही हो पाता है। ऐसी स्थिति में उनके द्वारा कराए गए टर्म इंषोरेन्ष से परिवार को आर्थिक सुरक्षा कवच मिलेगा। इस हेतु उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक को समन्वय करने भी निर्देषित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमति प्रीति यादव, अपर कलेक्टर श्री कमलचन्द्र नागर सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख मौजूद रहे।
