4 साल से दर-दर मदद के लिये भटक रही सियाबाई को कलेक्टर अवि प्रसाद के प्रयासों से मिली 4 लाख की आर्थिक मदद

सियाबाई ने कहा- कलेक्टर साहब ने मेरे दर्द को समझा………मेरे लिए वे देवदूत हैं

(कटनी)-  सड़क हादसे में अपने पति उदय सिंह गोंड को खोने के बाद आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार की आर्थिक मदद की आस में दर-दर भटकी विकासखंड बड़वारा के ग्राम पठरा निवासी सियाबाई गोंड को कलेक्टर अवि प्रसाद की संवेदनशीलता और सार्थक प्रयास की वजह से साढ़े 4 साल के लंबे अंतराल के बाद अंततः मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना से 4 लाख रूपये की आर्थिक मदद मिल गई।

            संबल योजना से 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता पाकर प्रफुल्लित सियाबाई ने रूंधे गले से कहा कि- हर तरफ से मदद की उम्मीद छोड़ चुकी थी, कई दफ्तरों के साढ़े 4 साल तक चक्कर लगाये, लेकिन कोई हल नहीं निकला। वो तो भला हो कलेक्टर श्री प्रसाद का जिन्होंने मुझ गरीब की बात पठरा गांव में सुनी और मुझे आर्थिक मदद दिलवाया…..वे मेरे लिये साक्षात देवदूत हैं।  सियाबाई बताती है कि कलेक्टर श्री प्रसाद का 16 मार्च को पठरा में अमृत सरोवर का निरीक्षण करने आना मेरे लिए वरदान बन गया। मैने उनसे अपनी पूरी समस्या बताई कि मेहनत-मजदूरी करने वाले मेरे पति की मृत्यु अक्टूबर 2018 में हो गई थी। उसके बाद से मैने कई दफ्तरों के चक्कर लगाये लेकिन मुझे संबल योजना के तहत अपात्र घोषित कर लाभ नहीं दिया गया। सियाबाई ने कहा कि कलेक्टर ने उनकी पूरी बात बड़े धैर्य से सुनी, घर-परिवार के बारे में पूंछा, राशन-पानी की उपलब्धता की जानकारी ली। तभी मुझे विश्वास हो गया था कि मेरे अपने परिवार के सदस्य की तरह बड़े अपनेपन से घर-परिवार की जानकारी ली है तो कलेक्टर मेरी मदद जरूर करेंगे और सोमवार को पंचायत सचिव सुनील कुशवाहा से संबल योजना से 4 लाख रूपये की मदद मंजूर होने और खाता में पैसे जमा होने की सूचना पाकर कलेक्टर साहब के प्रति मेरा भरोसा एवं विश्वास और बढ़ गया है।

            पठरा भ्रमण के दौरान कलेक्टर के संज्ञान में यह मामला आते ही उन्होंने सियाबाई के मामले का पुर्नपरीक्षण कराने अधिकारियों को निर्देशित किया। स्वयं समय-सीमा बैठक में निरंतर इस प्रकरण की समीक्षा की।

मिल रहीं सभी सुविधायें

            सियाबाई गोंड को निःशुल्क राशन का लाभ मिल रहा है। संबल योजना का श्रमिक कार्ड और 5 लाख रूपये तक के निःशुल्क इलाज का आयुष्मान कार्ड भी बना है। कल्याणी पेंशन सहायता भी मिल रही है और हाल ही में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में भी सियाबाई ने फार्म भरा है।

पढ़ रहीं बेटियॉं

            सियाबाई की दो बेटी और दो बेटे हैं। बेटे तो मजदूरी कर रहे हैं लेकिन वे अपनी दोनों बेटियों को पढ़ा रही हैं। बड़ी बेटी 11 वीं और छोटी बिटिया दसवीं में पढ़ रही है।

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