ढीमरखेड़ा ब्लाक के तीन ग्रामों में संक्रमण से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमें नियुक्त

संक्रमित मरीजों के सेंपल एकत्र कर भेजे गए आई.सी.एम.आर जबलपुर

ग्रामवासियों को दवा के साथ- साथ दी जा रही समझाइश

(कटनी)- ढ़ीमरखेड़ा ब्लाक के कुछ ग्रामों में विगत दिवस देर रात बच्चों के संक्रमित होनें की सूचना प्राप्त होते ही रात्रि में ही जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रात्रि से ही ढीमरखेड़ा के तीनों गांव खाम्हा, दशरमन एवं मुरवारी ग्राम पहुंचकर संक्रमण की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग की अलग -अलग टीमें नियुक्त की जाकर सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। शुक्रवार को ब्लड सेम्पल एवं थ्रोट सेम्पल लिये जाकर आई.सी.एम.आर जबलपुर भेजे गए।

            शुक्रवार प्रातः से ही स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमों के द्वारा ग्राम खम्हा, मुरवारी एवं दशरमन में सर्वे का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान दानेदार मरीजों के ब्लड सेम्पल एवं थ्रोट सेम्पल लिये जाकर डव्ल्यू.एच.ओ के सहयोग से आई.सी.एम.आर जबलपुर जांच हेतु भेजा गया।  सर्वे के दौरान ग्रामवासियो को किसी भी अन्य व्यक्ति को दानेदार बुखार होने की तत्काल सूचना ए.एन.एम, आंगनबाडी कार्यकर्ता, आशा को देकर उपचार प्रारंभ कराने की समझाइश दी गई। ग्रामवासियों को हांथो को नियमित रूप से साबुन से धोने, सर्दी, खांसी, आंखे लाल हाने तेज दानेदार बुखार एवं खसरा रोग के होने की जानकारी प्रदान की गई। सर्वे के दौरान को 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को एम.आर के दोनो टीके लगवानें, खसर-रूबेलो से अजन्म सुरक्षा पानें की जानकारी दी गई। सर्वे के दौरान खसरा बीमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाकर अवगत कराया गया कि यह किसी भी प्रकार का देवीय प्रकोप नही है। बच्चों को पोष्टिक भोजन प्रदान करे तथा कुपोषित होने से बचाएं।

            स्वास्थ्य विभाग की नियुक्त टीमों के माध्यम से गांव में घर – घर पहुंचकर सर्वे कार्य सहित उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। संक्रमण की रोकथाम हेतु ग्राम स्तर पर कैंप आयोजित कर संक्रमण ग्रसित लोगों की प्राथमिक उपचार किया जाकर आवश्यक दवाईयां मुहैया कराई जा रहीं है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया कि सर्वेक्षण के दौरान ग्राम खाम्हा में 30 लोग, ग्राम मुरवारी में 20 और ग्राम दशरमन में लगभग 23 लोग संक्रमण से प्रभावित हुए है। संक्रमण ज्यादा न फैले इस हेतु मेडि़कल टीम द्वारा रात से मौके पर उपस्थित रहकर निरंतर सर्वे का कार्य किया जा रहा है।

दानेदार बुखार या किसी भी प्रकार का बुखार आने रहे सजक – कलेक्टर श्री प्रसाद

            कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा द्वारा जिले के निवासियों से दानेदार बुखार खसरा हो सकता है यह गंभीर जानलेवा बीमारी है, परन्तु दैवीय प्रकोप नहीं किसी भी प्रकार का बुखार आने पर शीघ्र ही उपचार करायें। बच्चों को बीमारी के दौरान भी पैष्टिक भोजन देते रहें कुपोषित होने से बचायें। 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को मीजल्स का टीका अवश्य लगवायें। साथ ही अपने घरों के आस पास किसी भी प्रकार की गंदगी और पानी का रुकाव ना होने दें जिससे मच्छर ना पनपें। स्वच्छ रहें स्वस्थ रहें ।

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