ओसीएम राजनगर खदान में ब्लास्टिंग होने से जान – माल का ख़तरा, घरों में पड़ रही है दरारें
(राजनगर) कोतमा–पुनर्वास अयोध्या नगर वार्ड नंबर 12 जो कि पूर्व में राजनगर ओसीएम के द्वारा जबरन बसाया गया जिसमें कि दफाई में रोड लाइट व भवन निर्माण की सामग्री राजनगर ओसीएम द्वारा उपलब्ध कराई गई। पुनः खदान के चालू होने से पुनर्वास में आज राजनगर ओसीएम में लगातार ब्लास्टिंग होने से लोगों के घरों में दरार एक गंभीर समस्या बन कर उभरी है व ब्लास्टिंग के दौरान निकलने वाले गैस से गंभीर बीमारी का खतरा बना हुआ है ।
इन्हीं विषयों पर दिनांक 4/05/2023 मे बैठक पर चर्चा की गई, जिसमें कि 10/05/2023 को हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।
आपको बता दें कि जबसे नगर परिषद डोला अंतर्गत राजनगर खुली खदान परियोजना यानि (ओपन काॅस्ट) का शुभारंभ हुआ स्थानीय लोगों में खुशी व्याप्त रहा कि अब नगर क्षेत्र का बेहतर विकास होगा साथ ही रोजगार का भी सृजन होगा, जिससे क्षेत्रीय कुछ बेरोजगार युवाओ को इस खुली खदान में तो कुछ ठेका लिये कम्पनी मे तो कुछ युवा को नगर क्षेत्र में छोटे मोटे दुकान खोलकर कमाने का अवसर मिलेगा ताकि नगर के युवाओ के साथ साथ इनके परिवार का भविष्य भी अच्छा हो पाये और तो और नगर क्षेत्र के लोगों के लिए पुर्नवास को लेकर भी काॅलरी द्वारा विकल्प ढूंढ़ एक अच्छा निर्णय लेते हुये बेहतर विकास करने उचित कदम उठाकर सही रुप से कार्य हो परन्तु राजनगर खुली खदान परियोजना के दिनचर्या को देखते हुये स्थानीय जनो की आस टूटता तथा बिखरता नजर आ रहा जिस कारण सभी लोगों में बड़ा आक्रोश उभरता दिखाई दे रहा।
स्थानीय जनो का साफ कहना है कि जबसे यह राजनगर ओपन काॅस्ट खुला है शासन के नीति रीति के विपरीत कार्य करने में लगा हुआ है इनके द्वारा किये जा रहे ब्लास्टिंग की ना ही कोई समय सीमा और ना ही कितने बार ब्लास्टिंग किया जाना है यह तय नहीं! जब मनचाहा जितनी बार चाहा उतनी बार ब्लास्टिंग कर दिया जा रहा वह भी हैवी ब्लास्टिंग जिस ब्लास्टिंग के होने से धूल डस्ट के साथ जोरदार कंपन और पत्थरों के छोटे टुकड़े भी नजदीक वार्ड के मुहल्ले के घरो तक पहुँच रहे जिस कारण नगर के कई घरो में लम्बी और चौड़ी दरारे हो गये हैं जिस संदर्भ स्थानीय लोगों सहित स्थानीय वार्ड पार्षद ने मिलकर काॅलरी प्नबंधन को हो रहे समस्याओ से अवगत कराया जाकर आगे नहीं मानने पर जनाक्रोश आंदोलन के रुप में चेतावनी भी दिया जिसके पश्चात काॅलरी प्नबंधन द्वारा पहुँचे लोगों को आश्वस्त किये जाने के बाद भी उसी तरह मनमानी रवैया जारी रहना इस विषय की ओर साफ इशारा करता है कि इन्हे ना ही नगर क्षेत्र का विकास से एवं ना ही नगर क्षेत्र के लोगों की जान या किसी भी प्नकार का रोजगार सृजन करने से तथा ना ही शासन के नियम कानून से कोई लेना देना दिखाई दे रहा।
साथ ही नगर क्षेत्र के वार्डों का निर्माण विकास भी काॅलरी के दखल होने के कारण क्षेत्र में मौजूद निकाय भी कुछ कर पाने में असहाय जैसा है बावजूद निकाय क्षेत्रीय विकास के दिशा में अग्रसर हो प्नयासरत है। किन्तु काॅलरी द्वारा किसी तरह का सहयोग नहीं दिख रहा अगर यही आलम बरकरार रहा तब आगे नगर डोला क्षेत्र का क्या होगा इसका स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सभी विषयो पर आकलन करते हुये नगर डोला के वार्ड क्रमांक 12 अयोध्या बस्ती राममंदिर के लोगों ने सामूहिक रुप से बैठक कर काॅलरी के मनमानी पर रोक लगाने विरोध में हड़ताल किये जाने का आपसी सहमति कर फैसला लिया गया है।
सवाल उठता है कि आखिर राजनगर खुली खदान खनिज विभाग,पर्यावरण विभाग एवं परिवहन विभाग के मापदण्ड अनुसार कार्य छोड़ शासन के विभाग को ही ठेंगा दिखाते हुए अपनी मनमानी क्यूँ चलाने में लगा है शासन के नियम कानून की धज्जियां क्यूँ उड़ाई जा रही।
गौरतलब हो कि क्या राजनगर खुली खदान के सवेरिया, मैनेजर सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी को शासन के नियम कानून की कोई परवाह नहीं या शासन से ही इन्हें अपनी मनमर्जी करने की खुली छूट प्नाप्त है जिस वजह से यहाँ के अधिकारी मनमर्जी चलाने में लगे हैं। क्या शासन का नियम कानून राजनगर खुली खदान परियोजना के जिम्मेदार अधिकारियों के लिए कुछ भी नहीं! जो इसलिए अधिकारियों की मंशा से हैवी ब्लास्टिंग बेवजह वक्त दिन में कई बार किया जा रहा। जिससे जहरीली गैस के साये और मौत के खौफ में अब लोग जी रहे कि कहीं काॅलरी के जिम्मेदार अधिकारियों की मनमर्जी का खामियाजा पर्यावरण के साथ साथ स्थानीय लोगों एवं पशु पक्षियों को भुगतना पड़े।
देखा जाय तो गौरतलब विषय यह भी है कि शासन द्वारा जिस खनिज विभाग,पर्यावरण विभाग एवं परिवहन विभाग को ऐसे तमाम विभाग में शासन के नियम कानून का पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया है वह भी बेपरवाह दिखाई देता है। इन विभाग के आला अधिकारियों की झलक भी इन विभाग के आसपास तक दिखाई नहीं देती। जिससे जिले के अंतिम छोर में होने का काॅलरी विभाग सहित अन्य विभाग जमकर फायदा उठा रहा। तो क्या अनूपपुर खनिज विभाग में महिला अधिकारियों के होने की वजह से जिले के ऐसे विभागो पर जांच कार्यवाही नहीं हो रही या फिर इन्हीं विभागीय अधिकारियों की सह पर काॅलरी प्नबंधन शासन के नियम कानून को दरकिनार कर अपने नियम के अनुसार कार्य करने में लगे हैं। सूत्रोनुसार अनूपपुर खनिज विभाग से एक अधिकारी समय आते ही हर माह ऐसे विभाग जो भी शासन के नियम कानून के विपरीत चल रहे और खनिज विभाग से संबंधित हैं उनसे अवैध वसूली किया जाना पता चल रहा। अब इस बात मे कितने हद तक सच्चाई है यह तो संबंधित विभागीय अधिकारी ही सही से बता पायेंगे। लेकिन अगर यह बात सच हुई तब मध्यप्नदेश शासन को जिला खनिज विभाग अनूपपुर से कितने हद तक राजस्व का नुकसान हुआ और हो रहा होगा यह तो कड़ाई पूर्वक सही जांच के बाद ही खुलासा हो सकता है कि वाकई जिला खनिज विभाग अनूपपुर के जिम्मेदार अधिकारी पूर्ण रुप से ईमानदार हो शासन के नियमानुसार अपनी शासकीय नौकरी ठीकठाक निभा रहे या नहीं! अब देखना यह होगा कि क्या इस खबर के बाद कोई जांच कार्यवाही आगे होगी या नही कि प्नदेश सरकार इतने के बाद भी सोई रहेगी और मनमाना चलते रहने देगी।
रिपोर्ट – पवन कुमार शाह , RPKP INDIA NEWS , अनूपपुर
