संभागायुक्त ने कोविड-19 हेतु जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों पर प्रसन्न्त्ता व्यक्त की

( निवाड़ी )

कोविड-19 एवं मनरेगा कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

सागर संभाग आयुक्त श्री अजय सिंह गंगवार की अध्यक्षता में आज विश्राम गृह ओरछा में कोविड-19 एवं मनरेगा कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह, एसडीएम निवाड़ी सुश्री वन्दना राजपूत, पृथ्वीपुर श्री कुशल सिंह गौतम, डिप्टी कलेक्टर श्री तरुण जैन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री मेघा तिवारी, डिप्टी कलेक्टर श्री जेपी गुप्ता, तहसीलदार ओरछा श्री रोहित वर्मा, बीएमओ श्री विनोद बाजपाई, एसएडीओ श्री डीके नायक, वन विभाग, मत्स्य विभाग, खाद्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में संभागायुक्त श्री गंगवार द्वारा कोविड-19 हेतु जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों पर प्रसन्न्त्ता व्यक्त की गई। निवाड़ी जिला उ.प्र. की सीमा से चारों ओर से घिरा हुआ है और बाहर से आने वाले श्रमिकों का लगातार आना-जाना हो रहा है और निवाड़ी होकर ही समस्त बुंदेलखंड में ये श्रमिक जा रहे हैं। अतः ऐसी स्थिति में पुलिस विभाग, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग तथा सफईकर्मियों द्वारा किये गए कार्य के लिए धन्यवाद एवं बधाई दी गई।

  •      जिले में जगह जगह लगाये गए हाथ धोने हेतु वॉश वेसिन मॉडल को बहुत पसंद किया एवं इसे अन्य जिलों द्वारा भी अपनाया जाना चाहिये।
  •      बाहर से आ रहे श्रमिकों हेतु स्थापित कंट्रोल रूम, परिवहन व्यवस्था, कोविड केयर सेंटर पर की गई व्यवस्थाओं पर पर प्रसन्नता व्यक्त की।
  •      स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक स्वास्थ्यकर्मी, मरीजों के अनुसार व्यवस्था किये जाने हेतु निर्देश दिए।
  •      टीम का गठन किया जाये जो घर-घर जाकर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कराये, आरोग्य सेतु ऐप भविष्य में अन्य योजनाओं हेतु कारगर सिद्ध होगा।
  •      थर्मल स्कैनर पर्याप्त संख्या में क्रय किये जायें तथा एएनएम स्तर पर प्रदाय किये जायंे।
  •      जिले को मूंगफली हब बनाये जाने संबंधी निर्देश दिए।
  •      एनजीओ को आगे लायें एवं जिला प्रशासन एनजीओ का सेवाओं के अनुरूप कार्य करायें।
  •      पंचायत एवं ग्रामीण विभाग को निर्देश दिए कि बाहर से आये श्रमिकों को उनकी रूचि एवं योग्यता के आधार पर एनआरएलएम से मिलकर गतिविधियों में लगाया जाये, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो सके और वापिस शहरों में ना जायें।
  •      छोटे से छोटे श्रमिकों तक पहुंचकर उन्हें आजीविका हेतु रोजगार उपलब्ध कराये जायें, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आ सके।
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