कोरोना लॉकडाउन में भी नहीं रुकी न्यायालयीन कार्यवाहियां

वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से निराकृत हुये 211 मामले

कटनी  कोरोना महामारी घोषित होने के पश्चात उत्पन्न परिस्थितियों और लॉकडाउन की अवधि में भी आवश्यक प्रोटोकॉल और बचाव की सावधानियों के साथ जिला न्यायालय कटनी द्वारा मामलों के निराकरण के लिये न्यायालयीन कार्यवाहियां जारी रखी जा रही हैं। माननीय उच्च न्यायालय के नियमों और विनियमों के अनुक्रम में न्यायालयीन कार्यवाहियां वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कराई जा रही हैं।

            जिला एवं सत्र न्यायाधीश अचल कुमार पालीवाल के निर्देशन में लॉकडाउन की अवधि के दौरान जिला न्यायालय कटनी और तहसील न्यायालय कटनी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कुल 211 मामले निराकृत किये गये हैं। जिनमें रिमाण्ड, जमानत, अपील, रिवीजन तथा अन्य आवश्यक प्रकृति के प्रकरण शामिल हैं। कोरोना महामारी से बचाव के लिये लॉकडाउन और अन्य उत्पन्न परिस्थितियों के बीच माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार न्यायालय की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से की जा रही है। आपराधिक प्रकरणों में केस डायरी और पुलिस प्रतिवेदन ई-मेल के माध्यम से न्यायालय में प्राप्त हो रहे हैं। जिनमें अधिवक्तागण, पक्षकारगण द्वारा संचार माध्यमों से आवेदन प्रस्तुत कर अनुमति प्राप्त करने के उपरांत न्यायालयीन कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं।

            जिला न्यायालय परिसर में कोरोना संक्रमण से बचाव की गाईडलाईन और प्रोटोकॉल संबंधी दिशा-निर्देशों का दृढ़ता से पालन कराया जा रहा है। न्यायालय परिसर में अनुमति के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश के पूर्व सभी व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैण्ड सैनीटाईजेशन आवश्यक रुप से कराया जा रहा है। न्यायालय परिसर में सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन सुनिश्चित कराने की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है। आने-जाने के मार्ग पृथक-पृथक चिन्हित किये गये हैं। न्यायालय कक्ष के बाहर खड़े होने एवं बैठने के स्थान सोशल डिस्टेन्स के अनुरुप सुनिश्चित किये गये हैं। प्रतिदिन न्यायालय कक्षों एवं परिसर की साफ-सफाई और सैनीटाईजेशन का कार्य होता है। मामलों के निराकरण के लिये वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के लिये हैल्पडेस्क स्थापित की गई है।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें