पाँचवें चरण का लॉकडाउन, अनलॉक 1.0 का चरण होगा

( भोपाल )

भारत सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया जाएगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की जनता को दिया संदेश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश में कहा है कि देश के हमारे वैश्विक नेता दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संघर्ष में हमें नई राह बतायी, देश का कुशल नेतृत्व किया, जिसके चलते हमने कोरोना पर काफी हद तक विजय पा ली है। हमारे कोरोना योद्धाओं के निरंतर परिश्रम एवं जनता के सहयोग से आज हम प्रदेश में भी कोरोना को ठीक ढंग से नियंत्रित कर पाए हैं। परंतु अभी निरंतर सतर्क एवं सावधान रहने की आवश्यकता है। हमें कोरोना से बचाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र दो गज की दूरी (फिजिकल डिस्टेंसिंग), फेस कवर (मास्क लगाना), बार-बार हाथ धोना, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकना का सख्ती से पालन करना होगा। तभी हम देश एवं प्रदेश से कोरोना को पूरी तरह भगा पाएंगे।

लॉकडाउन के चौथे चरण के समाप्त होने के बाद पाँचवा चरण अनलॉक 1.0 चरण होगा। हम इसमें भारत सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन करेंगे। साथ ही प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आर्थिक गतिविधियाँ संचालित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दूरदर्शन के माध्यम से प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे।

कंटेनमेंट एरिया

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि जिलों में अधिक प्रभावित मोहल्ला/कॉलोनी इत्यादि क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया होंगे। इनमें 30 जून, 2020 तक लॉकडाउन यथावत् लागू रहेगा। कंटेनमेंट क्षेत्रों में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश का शेष क्षेत्र सामान्य क्षेत्र होगा। 

रात्रिकालीन  कर्फ्यू

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि रात्रिकालीन कर्फ्यू का समय अब रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक होगा। इस दौरान अत्यावश्यक गतिविधियों को छोड़कर लोगों का आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। 

कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर 8 जून, 2020 से प्रारंभ गतिविधियां

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर 8 जून 2020 से धार्मिक स्थल, सार्वजनिक स्थान पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां, अन्य आतिथ्य सेवाएं तथा शॉपिंग मॉल प्रारंभ होंगे।

शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद रहेंगीं। परंतु 12वीं की परीक्षाओं हेतु विद्यालय खोले जाएंगे। बाद में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थान आदि को खोलने का निर्णय सभी लोगों के साथ परामर्श कर जुलाई में लिया जाएगा । 

सभी क्षेत्रों में पूर्णत: प्रतिबंधित गतिविधियाँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में सिनेमा हॉल, व्यायामशाला (gymnasium), स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार और ऑडिटोरियम, सभा कक्ष मैरिज गार्डन आदि। सामाजिक / राजनीतिक / खेल / मनोरंजन / शैक्षणिक / सांस्कृतिक / धार्मिक कार्य और अन्य बड़ी सभाएं आदि गतिविधियां पूर्णत: बंद रहेंगी। इन्हें पुन: प्रारंभ करने का निर्णय बाद में लिया जाएगा।  

व्यक्तियों और वस्तुओं का आवागमन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि राज्य में और राज्य के बाहर आने-जाने वाले वाहनों के लिए किसी प्रकार के पास की आवश्कता नहीं होगी। अत: पास चेकिंग की व्यवस्था समाप्त की जा रही है। पूरे प्रदेश में अंतर्राज्यीय बसों का संचालन 7 जून तक बंद रहेगा। तत्पश्चात इस पर निर्णय लिया जाएगा। इंदौर, उज्जैन तथा भोपाल संभाग सहित पूरे प्रदेश में फैक्टरी के संचालन में और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के परिवहन हेतु बसें संचालित करने की अनुमति होगी। राज्य के अंदर सार्वजनिक परिवहन की बसें इंदौर, उज्जैन व भोपाल को छोड़कर अन्य सभी संभागों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगीं। 

बाजारों का खुलना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि इंदौर, उज्जैन, नीमच और बुरहानपुर के नगरीय  क्षेत्रों के बाजारों की एक चौथाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं। भोपाल के बाजारों की एक तिहाई दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं। देवास,  खंडवा नगर निगम तथा धार एवं नीमच नगर पालिका क्षेत्र की आधी-आधी दुकानें बारी-बारी से खुलेंगीं परंतु स्टैंड अलोन दुकानें व मोहल्ले की दुकानें इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगीं। इनके अलावा शेष प्रदेश में दुकानों के खुलने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। 

कार्यस्थलों  के लिए दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सभी शासकीय और प्रायवेट कार्यालय इंदौर, उज्जैन और भोपाल नगर निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ और शेष प्रदेश में पूरी क्षमता से खोले जाएंगे। उन्हें स्क्रीनिंग और स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। थर्मल स्केनिंग, हैंड वाश और सैनिटाइजर का प्रावधान सभी प्रवेश और निकास द्वारों और सामान्य क्षेत्रों में किया जाएगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। कार्यस्थलों के प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि श्रमिकों के बीच पर्याप्त दूरी हो, पारियों (shifts) के बीच पर्याप्त अंतराल हो,  कर्मचारियों के भोजन के अवकाश का समय अलग-अलग हो, आदि।

ये सावधानियाँ अनिवार्य होंगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कोविड से सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर, कार्यस्थलों में और परिवहन के दौरान, फेस कवर (मास्क)  पहनना अनिवार्य होगा। फिजिकल डिस्टेंसिंग- व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम 6 फीट (2 गज़) की दूरी बनाएं रखनी चाहिए। सभी दुकानें, ग्राहकों के बीच शारीरिक दूरी सुनिश्चित करेंगी और एक समय में 5 से अधिक व्यक्तियों को दुकान मे प्रवेश की अनुमति नहीं देंगी। सार्वजनिक सभाएँ – बड़ी सार्वजनिक सभाएँ प्रतिबंधित रहेंगी। विवाह संबंधी समारोह में मेहमानों की संख्या 50 से अधिक नहीं। अंतिम संस्कार संबंधित कार्यक्रम में व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय होगा। सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटका, तंबाकू आदि का सेवन वर्जित है।

अति जोखिम वाले व्यक्तियों का संरक्षण

श्री चौहान ने कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आवश्यक एवँ स्वास्थ्य कारण को छोड़कर, घर पर रहना होगा।

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएँ

1. प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए प्रवासी मजदूर कमीशन बनाया जाएगा। हर प्रवासी मजदूर को कार्य के लिए बाहर जाने से पहले कलेक्टर के पास रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, जिससे वह जहाँ भी जाए उसका ध्यान रखा जा सके।

2. महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कम ब्याज पर ऋण दिलाने की योजना प्रारंभ की जाएगी।

3. छोटे व्यवसायियों को बैंकों के माध्यम से 10 हजार तक का ऋण बिना गारंटी के दिलवाया जाएगा, जिसमें 7 प्रतिशत ब्याज सरकार देगी।

4. चने में 2 प्रतिशत तक तिवड़ा होने पर उसकी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा सकेगी।

5. किसानों को गत वर्ष का फसल ऋण चुकाने की तिथि 31 मई के स्थान पर अब 30 जून होगी।

6. शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए 330 करोड़ रूपए की राशि तथा स्मार्ट सिटी योजना में 500 करोड़ की राशि जारी की जाएगी।

7. आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की योजना तैयार कर शीघ्र ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाएगा।

8. बिजली बिलों में विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जायेंगी।

 

बिजली के बिलों में दी जाने वाली रियायतें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लॉकडाउन के कारण पिछले 2 माह से हमारे व्यापारी भाइयों के व्यवसाय और उद्योगों में कार्य बंद थे। एक तरफ आय के स्त्रोत कम हो गए,किन्तु दूसरी ओर फिक्स खर्चे तो यथावत रहे। इनमें जनमानस में सबसे अधिक चिंता बिजली के फिक्स चार्जेस को लेकर थी। इस बड़ी कठिनाई को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

  • सरकार ने निर्णय लिया है कि अब सभी गैर-घरेलू,गैर-औद्योगिकी , निम्न दाव एवं उच्च दाव औद्योगिक उपभोक्ताओं  जैसे – दुकानें, शोरूम, अस्पताल , रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, पार्लर, एमएसएमई और बड़े उद्योग आदि के माह अप्रैल से जून, 2020 तक के बिजली बिलों के फ़िक्स  चार्जेस की वसूली स्थगित कर दी गई है। यह राशि अक्टूबर 2020 मार्च 2021 के मध्य  06 समान किश्तों में बिना ब्याज के जमा की जा सकेगी। इससे लगभग 12 लाख छोटे उद्यमियों दुकानदारों छोटे व्यवसायियों की लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि आगामी महीनों में ली जाएगी।

  • संबल के हितग्राही तथा ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनके बिजली के बिल अप्रैल में 100 रूपये या उससे कम आये थे तथा मई, जून, जुलाई में भी 100 रूपये से कम आयेंगे उन्हें मई, जून, जुलाई की राशि के स्थान पर सिर्फ 50 रूपये महीने का भुगतान करना होगा। इससे लगभग 63 लाख हितग्राहियों को 100 करोड़ रूपये का लाभ होगा।

  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल माह अप्रैल में 100 रूपये से कम आए थे किन्तु मई, जून और जुलाई माह में 100 रुपये से अधिक परंतु 400 रुपये से कम आए हैं या आएंगे, तो उन्हें मई,  जून और जुलाई माह के बिल की राशि के स्थान पर सिर्फ 100 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होगा। इससे लगभग 28 लाख हितग्राहियों को 150 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल माह अप्रैल में 100 रूपये से अधिक परन्तु 400 रूपये से कम आए थे किन्तु मई,जून और जुलाई माह में रूपये 400 से ज्यादा आये हैं या आएंगे, तो उन्हें मई,  जून और जुलाई माह के बिल की राशि की आधी राशि का ही भुगतान करना होगा। शेष बिल की राशि की जांच के उपरांत निर्णय लिया जा सकेगा। इससे लगभग 8 लाख हितग्राहियों को बिल की राशि का आधा भुगतान ही करना होगा। हितग्राहियों को लगभग 200 करोड का लाभ होगा।

  •  घरेलू उपभोक्ताओं को एप के माध्यम  से स्वयं की रीडिंग भेजने की सुविधा प्रदान की गई है।

  • उपभोक्ताओं द्वारा अप्रैल और मई माह के बिलों का भुगतान नियत तिथि तक करने पर उन्हें 1 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन  राशि दी जाएगी। यह राशि घरेलू तथा निम्न दाब उपभोक्ताओं के लिए रूपये 10,000/- अधिकतम एवं उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 1 लाख रूपये होगी।

  •  सभी 3 फेस उपभोक्ताओं को लॉकडाउन की अवधि में आवेदन देने के 7 दिन बाद से संविदा मॉंग (कांट्रेक्ट डिमांड) में कमी की सुविधा दी गयी थी। यह सुविधा लॉकडाउन समाप्त होने के 15 दिन बाद तक की अवधि के लिए लागू रहेगी।

 

अप्रैल 2020 में आये बिजली के बिल

मई-जून, जुलाई में संभावित बिल

मई, जून, जुलाई में भुगतान योग्य राशि

लाभान्वित होने वाले उपभोक्ताओं की संख्या तथा राशि (लगभग)

100 रूपये तक तथा संबल के हितग्राही

100 रूपये तक तथा संबल के हितग्राही

50 रूपये प्रतिमाह

63 लाख

(100 करोड़ रूपये)

100 रूपये तक

100 रूपये से 400 रूपये तक

100 रूपये प्रतिमाह

28 लाख

(150 करोड़ रूपये)

100 रूपये से अधिक अधिकतम 400 रूपये तक

400 रूपये से अधिक

बिल की आधी राशि भुगतान करनी होगी

(शेष आधी राशि का निर्णय बिल की जाँच के बाद होगा)

8 लाख

(200 करोड़ रूपये)

 

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जिले में वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर आमजन को सर्प-दंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने विस्‍तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। सर्प-दंश से बचाव के लिए जिले के सभी पंचायत एवं शहरी वार्ड पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रम के तहत होर्डिंग, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया तथा एफएम रेडियो के माध्यम से जिंगल्स प्रसारित कर लोगों को सर्प-दंश से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। स्कूल, कॉलेज, चौपाल और स्थानीय कार्यक्रमों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए आम नागरिकों को विशेष रूप से झाड़-फूंक में समय न गंवाने और सर्प-दंश के बाद गोल्‍डन हावर में सीधे अस्पताल पहुंचने के लिए जागरूक किया जाएगा। प्रदेश में सर्प-दंश से होने वाली जनहानि को देखते हुए म.प्र. राज्‍य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भोपाल द्वारा सर्पदंश को स्थानीय आपदा घोषित किया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष सर्प-दंश से 2,500 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। सर्प मित्रों और रेस्क्यू टीम को दिया जाएगा प्रशिक्षणस्‍नैक केचर्स, सर्प मित्र, होमगार्ड, एसडीईआरएफ एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक एवं उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित सर्प मित्रों का डेटाबेस तैयार कर उनकी जानकारी पंचायत एवं वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर नागरिक इनसे संपर्क कर सकेंगे। सर्प मित्रों को सुरक्षित रेस्क्यू के लिए स्‍नेक रेस्‍क्‍यू किट तथा फर्स्‍ट एड किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पतालों में एंटी-वीनोम का पर्याप्त भंडारणकलेक्‍टर श्री तिवारी ने सर्प-दंश पीड़ितों के त्वरित उपचार के लिए शासकीय चिकित्सालयों में आवश्यक उपकरण, दवाएं एवं एंटी-वीनोम का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में सर्प-दंश के मामलों में तत्काल उपचार की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खेतों और जंगलों में कार्य करते समय बरतें सावधानीसर्प-दंश की घटनाओं को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया है। खेतों एवं जंगलों में कार्य करने वाले लोगों को लंबे जूते और मोटे दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। पशुओं के बाड़ों में पर्याप्त रोशनी तथा जाली/बैरियर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पर्यटन स्थलों एवं सर्प-प्रवण क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड तथा स्‍नैक आईडेंटिटीफिकेशन बैनर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को संभावित खतरे की जानकारी मिल सके। जिला स्तर पर तैयार होगा सर्प-दंश का डाटाबेसकलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर सर्प-दंश की घटनाओं का जिला स्तरीय डाटाबेस तैयार किया जाएगा। डिस्‍ट्रीक्‍ट डिजास्‍टर मैनेजमेंट प्‍लान में सर्प-दंश को रिस्‍क एनालिसिस एवं एसओपी में शामिल किया जाएगा। साथ ही जीआईएस मानचित्र के माध्यम से सर्प-दंश की घटनाओं तथा संबंधित प्रजातियों का वर्गीकरण और डाटाबेस तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। सर्प-दंश से बचाव के लिए नागरिक अपनाएं ये सावधानियां सर्प-दंश से बचाव के लिए नागरिको को सलाह दी गई है कि वे जूते, कपड़े और स्लीपिंग बैग का उपयोग करने से पहले अच्छी तरह झाड़ लें। इसी प्रकार रात में, बारिश के बाद तथा झाड़ियों या पेड़ों के आसपास जाते समय टॉर्च और छड़ी का उपयोग करें। वहीं जमीन पर सोने के बजाय पलंग/खाट एवं मच्छरदानी का प्रयोग करें। इसी प्रकार सांप को छेड़ें नहीं, उस पर हमला न करें और न ही उसे पकड़ने का प्रयास करें। जबकि घर के आसपास घास, कबाड़, गड्ढे और कचरा जमा न होने दें। इसके अलावा पानी का मटका जमीन से ऊपर स्टैंड पर रखें। सर्प-दंश के संभावित लक्षणसर्प-दंश के बाद काटने वाली जगह पर दर्द, सूजन, लालिमा अथवा नीला पड़ना और दांत के निशान दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा उल्टी, जी मिचलाना, अकड़न, कंपकंपी, पसीना, लो ब्लड प्रेशर, पेट दर्द, दस्त, कमजोरी एवं अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। गंभीर विषैले सर्प के दंश में आंखें खोलने या बोलने में कठिनाई, सांस लेने में परेशानी तथा अन्य गंभीर लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल अस्पताल पहुंचना आवश्यक है। सर्प-दंश के बाद क्या करें?प्रशासन द्वारा नागरिको को सलाह दी गई है कि सर्प-दंश होने पर शांत रहें और मरीज को आराम दें तथा प्रभावित अंग को स्थिर रखें। मरीज को जल्द से जल्द निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। इसके अलावा घाव को साफ एवं खुला रखें। जबकि ढीली पट्टी बांधी जा सकती है, लेकिन रक्त प्रवाह को पूरी तरह बाधित न करें। सांप का रंग और आकार याद रखने का प्रयास करें, लेकिन सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। सर्प-दंश के बाद ये काम बिल्कुल न करेंसर्पदंश के बाद घाव को काटें या विष चूसने का प्रयास न करें। इसी प्रकार आइस पैक न लगाएं। घाव पर साबुन या रसायन न लगाएं। जबकि मरीज को अल्कोहल या कैफीन का सेवन न कराएं। वहीं स्वयं से कोई दवा या मरहम न दें। इसी प्रकार सपेरे, तांत्रिक अथवा झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें।

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जिले में वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर आमजन को सर्प-दंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने विस्‍तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। सर्प-दंश से बचाव के लिए जिले के सभी पंचायत एवं शहरी वार्ड पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता कार्यक्रम के तहत होर्डिंग, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया तथा एफएम रेडियो के माध्यम से जिंगल्स प्रसारित कर लोगों को सर्प-दंश से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। स्कूल, कॉलेज, चौपाल और स्थानीय कार्यक्रमों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए आम नागरिकों को विशेष रूप से झाड़-फूंक में समय न गंवाने और सर्प-दंश के बाद गोल्‍डन हावर में सीधे अस्पताल पहुंचने के लिए जागरूक किया जाएगा। प्रदेश में सर्प-दंश से होने वाली जनहानि को देखते हुए म.प्र. राज्‍य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भोपाल द्वारा सर्पदंश को स्थानीय आपदा घोषित किया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष सर्प-दंश से 2,500 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। सर्प मित्रों और रेस्क्यू टीम को दिया जाएगा प्रशिक्षणस्‍नैक केचर्स, सर्प मित्र, होमगार्ड, एसडीईआरएफ एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक एवं उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित सर्प मित्रों का डेटाबेस तैयार कर उनकी जानकारी पंचायत एवं वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर नागरिक इनसे संपर्क कर सकेंगे। सर्प मित्रों को सुरक्षित रेस्क्यू के लिए स्‍नेक रेस्‍क्‍यू किट तथा फर्स्‍ट एड किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पतालों में एंटी-वीनोम का पर्याप्त भंडारणकलेक्‍टर श्री तिवारी ने सर्प-दंश पीड़ितों के त्वरित उपचार के लिए शासकीय चिकित्सालयों में आवश्यक उपकरण, दवाएं एवं एंटी-वीनोम का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में सर्प-दंश के मामलों में तत्काल उपचार की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खेतों और जंगलों में कार्य करते समय बरतें सावधानीसर्प-दंश की घटनाओं को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया है। खेतों एवं जंगलों में कार्य करने वाले लोगों को लंबे जूते और मोटे दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। पशुओं के बाड़ों में पर्याप्त रोशनी तथा जाली/बैरियर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पर्यटन स्थलों एवं सर्प-प्रवण क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड तथा स्‍नैक आईडेंटिटीफिकेशन बैनर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को संभावित खतरे की जानकारी मिल सके। जिला स्तर पर तैयार होगा सर्प-दंश का डाटाबेसकलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर सर्प-दंश की घटनाओं का जिला स्तरीय डाटाबेस तैयार किया जाएगा। डिस्‍ट्रीक्‍ट डिजास्‍टर मैनेजमेंट प्‍लान में सर्प-दंश को रिस्‍क एनालिसिस एवं एसओपी में शामिल किया जाएगा। साथ ही जीआईएस मानचित्र के माध्यम से सर्प-दंश की घटनाओं तथा संबंधित प्रजातियों का वर्गीकरण और डाटाबेस तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। सर्प-दंश से बचाव के लिए नागरिक अपनाएं ये सावधानियां सर्प-दंश से बचाव के लिए नागरिको को सलाह दी गई है कि वे जूते, कपड़े और स्लीपिंग बैग का उपयोग करने से पहले अच्छी तरह झाड़ लें। इसी प्रकार रात में, बारिश के बाद तथा झाड़ियों या पेड़ों के आसपास जाते समय टॉर्च और छड़ी का उपयोग करें। वहीं जमीन पर सोने के बजाय पलंग/खाट एवं मच्छरदानी का प्रयोग करें। इसी प्रकार सांप को छेड़ें नहीं, उस पर हमला न करें और न ही उसे पकड़ने का प्रयास करें। जबकि घर के आसपास घास, कबाड़, गड्ढे और कचरा जमा न होने दें। इसके अलावा पानी का मटका जमीन से ऊपर स्टैंड पर रखें। सर्प-दंश के संभावित लक्षणसर्प-दंश के बाद काटने वाली जगह पर दर्द, सूजन, लालिमा अथवा नीला पड़ना और दांत के निशान दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा उल्टी, जी मिचलाना, अकड़न, कंपकंपी, पसीना, लो ब्लड प्रेशर, पेट दर्द, दस्त, कमजोरी एवं अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। गंभीर विषैले सर्प के दंश में आंखें खोलने या बोलने में कठिनाई, सांस लेने में परेशानी तथा अन्य गंभीर लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए तत्काल अस्पताल पहुंचना आवश्यक है। सर्प-दंश के बाद क्या करें?प्रशासन द्वारा नागरिको को सलाह दी गई है कि सर्प-दंश होने पर शांत रहें और मरीज को आराम दें तथा प्रभावित अंग को स्थिर रखें। मरीज को जल्द से जल्द निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। इसके अलावा घाव को साफ एवं खुला रखें। जबकि ढीली पट्टी बांधी जा सकती है, लेकिन रक्त प्रवाह को पूरी तरह बाधित न करें। सांप का रंग और आकार याद रखने का प्रयास करें, लेकिन सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। सर्प-दंश के बाद ये काम बिल्कुल न करेंसर्पदंश के बाद घाव को काटें या विष चूसने का प्रयास न करें। इसी प्रकार आइस पैक न लगाएं। घाव पर साबुन या रसायन न लगाएं। जबकि मरीज को अल्कोहल या कैफीन का सेवन न कराएं। वहीं स्वयं से कोई दवा या मरहम न दें। इसी प्रकार सपेरे, तांत्रिक अथवा झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें।