भू माफियाओं पर कार्रवाई करे कैंट बोर्ड – शिवसेना की मांग

( जबलपुर )

शिवसेना, अखिल भारतीय छावनी उत्थान एवं संघर्ष समिति एवं छावनी किसान संघ ने कैंट बोर्ड अध्यक्ष राजेश नेगी के नाम केंट सीईओ सुब्रत पाल को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि प्रतिष्ठित समाचार पत्र जबलपुर में जेडीए की भूमि पर अवैध निर्माण एवं इंदौर सेव भंडार अशोक मार्ग मेन रोड सदर जबलपुर में केंट पार्षद द्वारा अतिक्रमण व अवैध निर्माण कर के नियम के विरुद्ध कार्य करना प्रकाशित किया गया है, उक्त संबंध में शिकायत दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई की जाए । प्रदेश प्रवक्ता शिवसेना कन्हैया तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्षद अमित अग्रवाल द्वारा इंदौर सेव भंडार, अशोक मार्ग, मेन रोड सदर जबलपुर की रजिस्ट्री अपने नाम पर कराकर अतिक्रमण कराकर अवैधानिक रूप से निर्माण कर व्यवसायिक दुकान किराए पर चलाकर कैंट के नियमों का उल्लंघन कर खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं । इस बात की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से छावनी परिषद जबलपुर के अधिकारियों के संज्ञान में है फिर भी पार्षद महोदय को संरक्षण दिया जा रहा है जबकि जबलपुर कैंट के अन्य पार्षदों द्वारा उपरोक्त संबंध में शिकायत कर कार्यवाही किए जाने हेतु ज्ञापन केंट सीओ को दिया जा चुका है। ज्ञापन देने के 15 दिन बाद भी आज दिनांक तक कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
डीजी के निर्देशानुसार सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर छावनी क्षेत्र के 24000 मतदाताओं को द्वेषपूर्ण रवैया से अवैध बताकर नाम काट दिए गए हैं तो फिर इंदौर सेव भंडार में कैंट पार्षद अमित अग्रवाल का नाम कैंट की मतदाता सूची से काट कर धारा 34 छावनी अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने हेतु उक्त पार्षद को पार्षद पद से अलग करने की कार्रवाई ना किया जाना पक्षपातपूर्ण है ,। जबकि उन्हें 7 दिन के अंदर जवाब प्रस्तुत करना था ।अतः इन पार्षद पर भी शीघ्र कार्रवाई कर पार्षद पद से हटा कर केंट की मतदाता सूची से नाम काट कर इनको भी अवैध घोषित किया जाए एवं छावनी की भूमि पर अतिक्रमण तोड़ा जाए । इसी क्रम में पार्षद द्वारा जेडीए एपीआर कालोनी कटंगा जबलपुर में अवैध निर्माण कर करोड़ों रुपए की हेराफेरी छावनी परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से की गई है। इस प्रकरण की भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए एवं अतिक्रमण या अवैध निर्माण तत्काल तोड़ कर अलग किया जाए । उक्त प्रकरण पर 15 दिनों के दर न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई तो पुतला दहन एवं धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करने न्याय पाने बाध्य होंगे इसकी समस्त जवाबदारी छावनी परिषद की होगी ।जबकि प्रमाण हेतु दस्तावेज अमित अग्रवाल द्वारा रजिस्ट्री दिनांक 12/07/ 2016 की प्रति संलग्न कर दी गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश प्रवक्ता कन्हैया तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष द्वारका वर्मा, घनश्याम पासी, हिमांशु त्रिपाठी, शैलेंद्र राव पप्पू उपस्थित थे ।ज्ञापन की प्रति श्री सुब्रत पाल केंट सीईओ जबलपुर, दी प्रिंसिपल डायरेक्टर DE सेंट्रल कमांड 17 करिअप्पा रोड, लखनऊ एवं सचिव रक्षा मंत्रालय भारत सरकार को भी कार्रवाई हेतु भेजी गई है ।

 

 

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