अतिवृष्टि और बाढ़ राहत की सभी तैयारियों समय से पूर्ण करें – कलेक्टर

बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक

कटनी  कलेक्टर शशिभूषण ंिसंह ने संभावित अतिवृष्टि और बाढ़ आपदा से बचाव की जिले में सभी आवश्यक व्यवस्थायें और तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। अतिवृष्टि और बाढ़ आपदा राहत संबंधी शनिवार को संपन्न बैठक में कलेक्टर ने जिलास्तर और तहसीलस्तर पर कन्ट्रोल रुम भी संचालित करने के निर्देश दिये। इस मोके पर पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार, अपर कलेक्टर साकेत मालवीय, एसडीएम रोहित सिसोनिया, बलबीर रमन, सपना त्रिपाठी, आयुक्त नगर निगम आर0पी0 सिंह, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, तहसीलदार मुनौव्वर खान, संदीप श्रीवास्तव, महेन्द्र पटैल, राजेश पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गौरव पुष्प, कार्यपालन यंत्री पीएचई ई0एस0 बघेल, लोक निर्माण ईई हरिसिंह ठाकुर, जिला आपूर्ति अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव, कमाण्डेन्ट होमगार्ड सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

            कलेक्टर श्री सिंह ने बाढ़ आपदा प्रबध्ंान की बैठक में जिले के बाढ़ संभावित स्थल, नदी, नाले एवं निचले इलाके सहित चिन्हांकित स्थलों की जानकारी ली। उन्होने कहा कि सभी तहसीलस्तर पर बाढ़ से बचाव और राहत के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। नाविकों और गोताखोर जवानों की सूची और कम्प्युनिकेशन प्लान अपडेट कर लें। नदी, नालों से प्रभावित होने वाले स्थलों, सड़कों के पुल-पुलियों पर चेतावनी बोर्ड लगायें। पुल-पुलियों पर नदी, नालों के पानी का बहाव होने पर यातायात रोकने बैरिकेट्स, नाके स्थापित कर 24 घंटे के लिये जवानों की तैनाती करें। इन नाकों पर सर्चलाईट, रस्से, लाउडहेलर इत्यादि बचाव की सामग्री भी उपलब्ध रहनी चाहिये। उन्होने कहा कि नदी नालों में बाढ़ की स्थिति में प्राईवेट नाव और डोडियों का संचालन सख्त रुप से प्रतिबंधित करें और पाये जाने पर नाव, डोडियों को जप्त करें। नदी, नालों में बरसात के समय जहां आवश्यकता हो, होमगार्ड की नाव और जवान तैनात करें।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, खाद्यान्न की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करायें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिये राहत और पुर्नवास के लिये कैम्प का स्थान और आवश्यक व्यवस्थायें चिन्हांकित करें। इसके साथ ही कपिल धारा के कुयें और खदान, तालाब एवं अन्य खतरनाक स्थलों को बैरिकेटिंग से सुरक्षित करें। जल संसाधन विभाग सिंचाई तालाबों एवं बांधों के जलस्तर की निरन्तर मॉनीटरिंग करायें तथा क्षतिग्रस्त तालाबों या टूटफूट को सुधार करायें। पशु चिकित्सा विभाग सभी औषधालयों में आवश्यक दवायें, टीका सहित पशुओं के चारे, भूंसे की उपलब्धता रखें। आपदा प्रबंधन का नोडल विभाग होमगार्ड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के सतत् संपर्क में रहें।

            पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने कहा कि पिछले अनुभवों के आधार पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और एहतियात के लिये सभी संसाधन तैयार रखें। डिजास्टर मैनेजमेन्ट प्लान को अपडेट रखें। जिलास्तर और तहसीलस्तर के कन्ट्रोल रुम और थानास्तर के कन्ट्रोल रुम एक दूसरे से कनेक्ट रहें। इसके साथ ही नदी, नालों और खुली खदानों अथवा जोखिम क्षेत्रों का चिन्हांकन कर चेतावनी बोर्ड लगायें तथा इन स्थानों की जानकारी सार्वजनिक करायें। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा टला नहीं है। आपदा प्रबंधन के तहत कोरोना से बचाव और अतिवृष्टि बाढ़ राहत के कार्यों को और भी अधिक सतर्कता, सजगता से निष्पादन करना होगा।

            बैठक में शहरी क्षेत्र के सागर पुलिय, गायत्री नगर पुलिया एवं अन्य जलजमाव के स्थलों में पानी की निकासी व्यवस्था तथा शहर के बड़े नालों, नालियों की सफाई भी शीघ्र कराने के निर्देश दिये गये। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण ने बताया कि जिले में 15 स्थल सड़क मार्ग पर चिन्हित किये गये हैं जहां चेतावनी बोर्ड और बैरियर्स लगाकर दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

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