एक हफ्ते में करें खरीफ 2019 के बीमित किसानों का क्लेम सेटेलमेन्ट

जिलास्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति की बैठक

कटनी  कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने खरीफ वर्ष 2019 के बीमित किसानों के फसल बीमा क्लेम का सैटेलमेन्ट एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश बीमा कम्पनी युनाईटेड इंडिया इन्श्योरेन्स के अधिकारियों को दिये हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिये जिले में फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़ों और थ्रेसहोल्ड उपज के आंकड़ों की विसंगति निवारण हेतु गठित जिलास्तरीय शिकायत निवारण संवैधानिक समिति की बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। इस मौके पर उप संचालक कृषि के0एल0 कोष्ठा, सहायक संचालक उद्यान सूर्यभान सिंह, अधीक्षक भू-अभिलेख मायाराम कोल, एलडीएम अमीनाथ महाली, संस्थागत वित्त अधिकारी दीपक सिंह भी उपस्थित थे।

            उप संचालक कृषि श्री कोष्ठा ने बताया कि जिले में खरीफ में मुख्य फसल धान ली जाती है। वर्ष 2019 खरीफ में 15 हजार 350 ऋणी किसान और 415 अऋणी किसान ने प्रीमियम जमा कर फसल बीमा कराया था। फसल कटाई प्रयोग और थ्रेसहोल्ड उपज के आंकड़ों में कोई विसंगति नहीं है। संबंधित बीमा कंपनी को थ्रेसहोल्ड उपज के 5 वर्षों के आंकड़े उपलब्ध कराये जा चुके हैं। खरीफ 2019 का फसल बीमा सेटेलमेन्ट अभी नहीं हो पाया है। कलेक्टर श्री सिंह ने युनाईटेड इंडिया इन्श्योरेन्स कम्पनी को वर्ष 2018 के थ्रेसहोल्ड उपज के आंकड़े एक बार पुनः प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर बीमित किसानों का बीमा क्लेम सेटेलमेन्ट करने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि आज ही अधीक्षक भू-अभिलेख से खरीफ 2018 के थ्रेसहोल्ड उपज के आंकड़े प्राप्त कर बीमा कम्पनी को प्रस्ताव भेजे जायें।

एटीएम और बैंकों में करायें सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कोरोना संक्रमण के फैलाव की रोकथाम के लिये बैंक शाखाओं तथा एटीएम बूथों पर सोशल डिस्टेन्सिंग एवं बचाव की अन्य सावधानियां सख्ती से अपनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होने कहा कि सोशल डिस्टेन्स का पालन कराने जारी प्रतिबंधात्मक आदेश धारा 144 और अन्य उपायों को लागू कराने स्पॉट फाईन के आदेशों का उपयोग करें। कलेक्टर ने कहा कि विभागों और संस्थाओं में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव की सावधानियां अपनाना और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराना संबंधित विभाग संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी निकाय, संस्थायें और विभाग यह जिम्मेदारी निभायें।

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