खरीफ दलहन, तिलहन क्षेत्राच्छादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि लायें
कलेक्टर ने मैदानी कृषि अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ फसल 2020 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होने खरीफ मौसम में दलहन और तिलहन फसलों पर फोकस करते हुये प्रत्येक मैदानी कृषि अधिकारी को दलहन, तिलहन फसलों के रकबे में न्यूनतम 25 प्रतिशत क्षेत्र की वृद्धि लाने के निर्देश और लक्ष्य दिये हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि लक्ष्य को प्राप्त नहीं करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही और अच्छा काम करने वाले या उपलब्धि लाने वाले कृषि अधिकारी को पुरुस्कृत भी किया जायेगा। कलेक्टर द्वारा पहली बार ली गई कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों की बैठक में उप संचालक कृषि के0एल0 कोष्ठा, एसडीओ कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और सभी विकासखण्डों के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा ली गई समीक्षा बैठक के निर्देशों और खरीफ 2020 कार्यक्रम की जानकारी देते हुये मैदानी क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से कहा कि एक फसल पर किसान की निर्भरता जोखिम से युक्त होती है। जोखिम को कम करने के लिये फसलों में विविधता लाई जाये। जिससे किसान अन्य कैश क्रॉप लेने के लिये प्रोत्साहित हों। उन्होने कहा कि मैदानी क्षेत्र के कृषि अधिकारी निरन्तर अपने क्षेत्र के किसानों के संपर्क में रहें। किसानों को अलग अलग उन्नतशील फसलों की उपज लेने के लिये प्रेरित करें। किसानों के बीच जाकर संगोष्ठी, चौपाल करें। सलाह देकर प्रचार-प्रसार करें।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों से मैदानी अधिकारी वन-टू-वन सम्पर्क कर जिले में धान के अलावा दलहन, तिलहन की फसलों पर फोकस करें। किसानों से जीवंत संपर्क बढ़ायें। किसानों के अनुभव शेयर करें और उन्हें उन्नत तकनीकों से अवगत करायें। कलेक्टर ने प्रत्येक मैदानी क्षेत्र के कृषि अधिकारी को उनके क्षेत्र मंे खरीफ मौसम में दलहन और तिलहन का रकबा कम से कम 25 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य दिया है। प्रत्येक मैदानी अधिकारी के परफॉर्मेनस की नियमित समीक्षा की जायेगी और संतोषजनक कार्य नहीं करने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि आगामी रबी और जायद की फसलों के लिये भी कार्ययोजना तैयार कर कार्यवाही करें।
उप संचालक कृषि ने बताया कि कटनी जिले में ग्रीष्मकालीन तीसरी फसल के रुप में 8606 हैक्टेयर क्षेत्र में जायद फसलों के रुप में मूंग, उड़द और मक्का ली गई है। जायद फसलों में इस बार उड़द का रकबा बढ़ा है। बैठक में विजयराघवगढ़ विकासखण्ड के आरएईओ के उपस्थित नहीं होने पर वेतन रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये हैं।

