किसान भाई वर्षा जल के संरक्षण हेतु डबरी का निर्माण करें, मेड़ों की मरम्मत का कार्य करें तथा जिनके पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो (मौसम आधारित कृषि परामर्श (विशेष लेख))

( टीकमगढ़ )

हरी खाद हेतु मक्का या ढैंचा की बोनी करें

आनेवाले 5 दिनों के दौरान कहीं-कहीं वर्षा होने तथा आसमान में बादल छाये रहने की संभावना है। दिन का अधिकतम तापमान 39-40 डि.से. के आस-पास तथा रात का न्यूनतम तापमान 28-30 डि.से. के आस-पास रहने की संभावना हैं। हवा की औसत गति 11 से 18 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना हैं। किसान भाई कृषि कार्य करते समय कोरोना संक्रमण से बचाव हेतू कम से कम दो मीटर की सामाजिक दूरी बनाये रखें तथा मुंह को कपडे से ढक कर रखें।जिन किसान भाईयों के पास पर्याप्त सिंचाई सुविधा हो, वे धान की नर्सरी हेतु उन्नतिशील प्रमाणित बीज को उपचारित कर बुआई का कार्य शुरु करें।जिन किसान भाईयों ने खाली खेतों की जुताई नहीं की हो वे खेतों की जुताई का कार्य करें तथा खरीफ फसलों की बुआई हेतु खाद एवं उन्नत प्रजाति के बीज की व्यवस्था करें। आनेवाले 5 दिनों के दौरान बादल छाये रहने की संभावना को देखते हुए, सब्जियों की फसल में पाउडरी मिल्डयू (भभूतिया रोग) रोग का प्रकोप देखा रहा है। अतरू किसान भाई, बचाव हेतु कार्बेंडाजिम दवा की 500 ग्राम मात्रा 500 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर के मान से दवा का छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।कद्दूवर्गीय सब्जियां में फल मक्खी का प्रकोप देखा जा रहा है, इससे बचाव हेतु किसान भाई, ट्राईजोफास 40 ई.सी. दवा की 2 मिली लीटर प्रति लीटर पानी की दर से दवा का छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।किसान भाई, खरीफ प्याज लेने हेतु इसकी नर्सरी बुवाई का कार्य पूरा करें तथा बुवाई 1 मीटर चौड़ी तथा उड़ी हुई क्यारियां बनाकर करें। उन्नत प्रजाति के बीज (जैसे-नासिक 53, एग्रीफाउंड़ डार्क रेड, पूसा कल्यानी) की व्यवस्था करें।नये फलबाग लगाने के लिये किसान भाई, पूर्व में खोदे गये गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद, तल्ख की मिट्टी तथा बालू को 3:2:1 के अनुपात में गढ़ो को भर दें।आनेवाले 5 दिनों के दौरान दिन का अधिकतम तापमान 39-40 डि.से.के मध्य होने की सम्भावना को देखते हुए, किसान भाई, पशुऔं को तैरने के लिए पानी में छोड़े तथा दिन में तीन वार पानी पिलायें तथा आहार में हरे व रसीले चारे का समावेश करें।जिन किसान भाईयों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो वे बरसात के मौसम में अगेती हरे चारे के लिए ज्वार,मक्का तथा लोबिया की मिश्रित बुबाई करें।

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