मां की मृत्यु के बाद दुर्गा तोमर के जीवन की सहारा बनीं संबल योजना (कहानी सच्ची है) –

( उमरिया )

नगर पालिका उमरिया के वार्ड क्रमांक 1 मे निवास करने वाली दुर्गा तोमर अपनी मां कमला तोमर के साथ रहती थी। मां कमला तोमर लोगो के घरों में भोजन बनाकर जीवन यापन करती थी। उन्होने पांच साल पू र्व अपनी बेटी दुर्गा तोमर का विवाह राज स्थान में किया। विवाह के बाद उन्हे एक संतान भी प्राप्त हुई, जिसकी उम्र ढाई वर्ष है। कुछ दिनों तक वैवाहिक संबंध ठीक रहने के बाद धीरे धीरे बिगडने लगे तथा दुर्गा तोमर अपनी मां के पास वापस उमरिया आ गई।
वर्ष 2019 में उनकी मां कमला तोमर की मृत्यु हो गई। अब दुर्गा तोमर के जीवन का सहारा कोई नही था। उनके पास इतने भी पैसे नही थे कि वे अपनी मां के संस्कार ठीक कर  सके। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित संबल योजना विपत्ति की घडी में उनका सहारा बनी। नगर पालिका उमरिया द्वारा अन्त्येष्टि सहायता योजना के तहत पांच हजार रूपये की आर्थिक मदद की। इसके बाद मां की साधारण मृत्यु पर दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। दुर्गा तोमर ने बताया कि कुछ दिनो तक तो वह सदमें मे रही फिर धीरे धीरे उन्होंने पुनः जीना सीखा। इस दौरान संबंल योजना में मिली राशि से जीवन संचालन किया। अब वे शादी विवाह एवं घरो में भोजन बनानें का काम करके अपनी जीविकोपार्जन कर रही है।
दुर्गा तोमर ने कहा कि विपत्ति के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की मदद ने जीने का सहारा दिया। प्रदेश सरकार एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिन्होंने हम जैसे गरीब लोगों के लिए संबल योजना बनाकर उपकार किया है उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करती हूं।

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