कंफेडरेशन ऑफ न्यूज़ पेपर एण्ड न्यूज़ एजेंसी ऑर्गेनाइजेशन 
से सम्बद्ध ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ पी०टी०आई० एम्प्लाइज यूनियनAIFPTIEU के एम.एस. यादव,
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) NUJ(I) के मनोहर सिंह-अमलेश राजू (अध्यक्ष-महामन्त्री DJA) सहित
इण्डियन जर्नलिस्ट्स यूनियन IJU,
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स IFWJ, UNI Workers Union, AINEF के एक प्रतिनिधिमण्डल ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री श्री सन्तोष गंगवार को एक ज्ञापन सौंप कर माँग की कि नवनिर्मित श्रम कानून के अन्तर्गत श्रमजीवी पत्रकारों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और उन्हें सुराक्षित माहौल देने तथा आजीविका के प्रबन्धन का विशेष ध्यान रखा जाए।
तथा
वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट – 1955 तथा सेवा शर्त आदि सम्बन्धी एक्ट – 1958 के प्रावधानों को(ज्यों का त्यों) अवक्रमित नही करके नए श्रम कानून में शामिल किया जाना चाहिए।
तथा
पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए वेज बोर्ड का अविलम्ब गठन कर उसपर काम शुरू कराया जाए। आदि माँग
सम्बन्धी ज्ञापन सौंपा गया।
श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री सन्तोष गंगवार ने आश्वस्त किया कि उनकी सरकार का कोई इरादा पत्रकारो को हतोत्साहित करने का नही है। नए श्रम कानून में वास्तविक पत्रकारो के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
साथ ही प्रिंट मीडिया कर्मियों के साथ इलेट्रॉनिक मीडिया तथा वेब पोर्टल कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने सलाह दी कि श्रम से सम्बंधित संसदीय स्थाई समिति को भी अपनी मांग से अवगत करा दे। ताकि उसकी
संस्तुतियों में शामिल हो सके।
प्रतिनिधि मण्डल में एम.एस. यादव,मनोहर सिंह,अमलेश राजू व अन्य,सबीना इंद्रजीत,नंद किशोर पाठक,एम.एल.जोशी,परमानन्द पाण्डेय, हेमन्त तिवारी आदि शामिल रहे।
आपको याद दिला दे कि केंद्र सरकार ने (वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट -1955 व 1958) तथा इसके तहत मिलने वाले वेज बोर्ड सहित विभिन्न 13 श्रम अधिनियमों को समाप्त करके एक नया श्रम कानून बनाया। जिसे 23 जुलाई को लोकसभा में पेश कर दिया गया।
फिलहाल इसकी समीक्षा कर अपनी संस्तुति देने के लिए संसदीय स्थाई समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
मित्रो यदि यह कानून पास हो गया तो पत्रकार की स्थिति बंधुआ और दैनिक मजदूर से भी बदतर हो जाएगी।
अखबार मालिक उसे न्यूनतम मजदूरी लेने के लिए बाध्य कर देगा।
🚩उठो-जागो-विरोध जताने -अपना हक मांगने के लिए 10 अक्टूबर 2019 को 11.00 बजे नई दिल्ली, जन्तर-मन्तर पर कन्फेडरेशन (साझा मोर्चा) के धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में भागीदारी करें।
-रमेश चन्द जैन
राष्ट्रीय सचिव
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स(इण्डिया)NUJI
नीरज जैन की विशेष रिपोर्ट
